आने वाले एक वर्षों तक ” किरणमई उत्सव ” की शुरुआत। हम सभी जानते हैं कि, किसी भी पुरुष के कामयाबी के पीछे किसी ना किसी रूप में एक नारी शक्ति का हाथ होता है। कभी यह धर्मपत्नी के रूप में, तो कभी मां के रूप में, तो कभी बहन के रूप में, उनका यह स्वरूप सामने आता है। जाने-माने स्वतंत्रता संग्रामी एवं अंग्रेजों से लोहा लेने वाले ” वीर पुरुष सुरेश चंद्र डे ” महाशय जी के धर्मपत्नी- अदम्य साहस, त्याग और शक्ति की प्रतीक ” किरणमयी डे ” जी ने, हमेशा अपने पति के आदर्शों, उनके सोच, उनके विचारधारा एवं देश के प्रति समर्पित, अंग्रेजों के साथ हर घड़ी मुकाबला करने को तैयार रहने वाले, ऐसे कंधे को मजबूती प्रदान करते रहे. साथ ही साथ अपने पति स्वतंत्रता संग्रामी एवं ” श्रीलेदर्स ” के नीवं रखने वाले ” सुरेश चंद्र डे ” जी को हमेशा श्रीलेदर्स को किस तरह से ऊंचाइयों में ले जाना है उन्हें प्रोत्साहित करते रहे। उन्हें मजबूती प्रदान करते रहे। कभी भी पीछे मुड़कर ना देखने का एवं डटकर हर एक अर्चन के साथ मुकाबला करने का गुड़ सिखाते रहे। आज ऐसे ही नारी के कोख से जन्म लिया है हम सबों के आदरणीय प्रेरणास्रोत श्रीमान शेखर डे महाशय जी। हमेशा अपने माता-पिता के आदर्शों, उनके विचारधाराओं एवं उनके सोच को सामने रख, जहां उन्होंने इतने बड़े स्वरूप में ” श्रीलेदर्स ” को एक अलग पहचान दिलाया। साथ ही साथ अपने वीर माता पिता के लिए उनके जन्मदिन एवं उनके पुण्यतिथि पर किसी भी तरह का वृहद आयोजन से दूर, सिर्फ और सिर्फ मानव सेवा को ही पहला प्राथमिकता दिया। जिसे उनके अंदर उनके माता-पिता के द्वारा कूट कूट कर भरा गया था। आज इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अपने मां ” स्वर्गीय किरणमयी डे ” जी के, ” 100 वां जन्मदिन ” के दिन धरातल में रह रहे उन जरूरतमंद लोगों के लिए जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र स्थित नव जागृत मानव समाज कुष्ठ आश्रम परिसर में, वहां रह रहे 50 पीड़ित एवं असहाय लोगों के लिए उत्तम से उत्तम नाश्ते, फल, गर्मी में शरीर को राहत देने हेतु जूस की व्यवस्था कर जहां अपनी सेवाएं प्रदान की। वहीं आज ” किरणमयी उत्सव ” के तहत तीन रक्तवीर योद्धाओं ने जिसमें डॉ विजय मोहन सिंह, राजीव दत्ता एवं आनंद मित्रा ने एसडीपी रक्तदान के जरिए किरणमयी उत्सव के नाम किया समर्पित। वहीं कहीं ना कहीं मानव सेवा के जरिए अर्पण किया अपने मां को सच्ची श्रद्धांजलि। आज जहां ऐसे बेटे के सोच, उनके कार्यों को एवं उनके जज्बे को सलाम करते हैं। साथ ही साथ आज के दिन ” स्वर्गीय किरणमयी डे ” जी को उन्हें उनके ” 100 वीं जन्मदिन ” पर शत शत नमन करता है।

