चाईबासा । पश्चिमी सिंहभूम जिला स्थित मझगांव प्रखंड में संचालित जलमीनार (जलापूर्ति) योजना की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुमार गागराई ने बुधवार को योजना स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि जलमीनार से पानी की आपूर्ति लंबे समय से बंद है, जिसके कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान बड़कुमार गागराई ने जलमीनार परिसर का जायजा लिया और योजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने देखा कि जलापूर्ति व्यवस्था ठप होने के कारण ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गर्मी के मौसम में समस्या और भी गंभीर हो गई है तथा लोगों को पानी के लिए दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से पूर्व मंत्री को अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि जलापूर्ति योजना पिछले कई महीनों से बंद पड़ी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। ग्रामीणों ने योजना की जल्द मरम्मत कर नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की।
निरीक्षण के बाद बड़कुमार गागराई ने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा लोगों का अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जलापूर्ति योजना जनवरी माह से बंद है, लेकिन इसके बावजूद सरकार और संबंधित विभाग ने समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है।
उन्होंने कहा कि सरकार विकास योजनाओं की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई महत्वपूर्ण योजनाएं बदहाल स्थिति में हैं। उनका कहना था कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण कई जनकल्याणकारी योजनाएं दम तोड़ रही हैं और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
बड़कुमार गागराई ने यह भी कहा कि जिन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, उन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी क्षेत्र की समस्याओं के प्रति उदासीन रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए परेशान है, जबकि जिम्मेदार लोग समस्या के समाधान की दिशा में गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से अविलंब आवश्यक मरम्मत कार्य कराने और जलापूर्ति व्यवस्था को पुनः चालू करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जनहित में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि बड़कुमार गागराई के हस्तक्षेप के बाद विभाग सक्रिय होगा और बंद पड़ी जलमीनार योजना की मरम्मत कर नियमित जलापूर्ति शुरू कराई जाएगी। इससे क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा।

