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Wed. Jun 3rd, 2026

धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को मिली रफ्तार, कोल्हान में उड़ान के नए युग की तैयारी

जमशेदपुर। लंबे समय से प्रतीक्षित धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना अब जमीन पर उतरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रशासनिक, तकनीकी और पर्यावरणीय स्तर पर सामने आ रही प्रमुख बाधाओं के दूर हो जाने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने परियोजना के प्रथम चरण के कार्यों की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। इससे कोल्हान क्षेत्र के करीब 49 लाख लोगों के साथ-साथ ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

मानगो स्थित गेस्ट हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, वन विभाग के अधिकारियों तथा संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के बाद डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) सबा आलम अंसारी ने बताया कि प्रथम चरण के लिए आवश्यक लगभग 100 हेक्टेयर भूमि से संबंधित पर्यावरणीय और वन रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी गई है। दिल्ली से अंतिम स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

बुधवार को सांसद विद्युत वरण महतो ने बताया कि परियोजना में देरी का एक बड़ा कारण पुराने सर्वेक्षण में हुई तकनीकी त्रुटि थी। सर्वे के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद बांस के झुरमुटों को पेड़ों की श्रेणी में दर्ज कर लिया गया था, जबकि सरकारी मानकों के अनुसार बांस घास की श्रेणी में आता है। इस तथ्य के स्पष्ट होने के बाद पर्यावरणीय अनुमतियों की प्रक्रिया को गति मिली है।

जमशेदपुर से लगभग 55 किलोमीटर दूर प्रस्तावित यह एयरपोर्ट क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई पहचान देगा। वर्तमान में हवाई यात्रा के लिए लोगों को रांची एयरपोर्ट तक लगभग ढाई घंटे का सफर तय करना पड़ता है, लेकिन धालभूमगढ़ एयरपोर्ट बनने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी। इससे घाटशिला, चाईबासा, सरायकेला-खरसावां, बारीपदा, पुरुलिया और झाड़ग्राम जैसे क्षेत्रों को भी सीधी हवाई सुविधा मिल सकेगी।

परियोजना को क्षेत्रीय आर्थिक विकास का आधार माना जा रहा है। एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। सांसद के अनुसार लगभग 75 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित हो सकते हैं। इसके अलावा जमशेदपुर-धालभूमगढ़ कॉरिडोर को औद्योगिक और आवासीय विकास केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी तैयार की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद निवेश, पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे कोल्हान क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

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