जमशेदपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुरुवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर की ओर से सोनारी स्थित चित्रगुप्त भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2026 तक का दौर जन-विश्वास, सुशासन, विकास और जनकल्याण की ऐतिहासिक यात्रा का कालखंड रहा है तथा झारखंड को इस दौरान अभूतपूर्व वित्तीय सहायता और विकास परियोजनाओं का लाभ मिला है।
आदित्य साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड के विकास को विशेष प्राथमिकता दी है। उनके अनुसार वर्ष 2004 से 2014 के बीच राज्य को कर हस्तांतरण के रूप में 56,090 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि 2014 से 2024 के बीच यह राशि बढ़कर 2,26,444 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने दावा किया कि जून 2026 तक यह आंकड़ा 3,17,069 करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसी तरह केंद्र से मिलने वाले अनुदान में भी कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे राज्य में आधारभूत संरचना और विकास योजनाओं को गति मिली है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में रेलवे, सड़क और हवाई संपर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य के लिए रेलवे का वार्षिक बजट बढ़ाकर 7,302 करोड़ रुपये किया गया है, रेलवे नेटवर्क का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है तथा 57 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, रायपुर-रांची हाईस्पीड कॉरिडोर तथा देवघर हवाई अड्डे जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनजातीय कल्याण, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम-जनमन योजना, एम्स देवघर तथा चाईबासा सहित कई जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति को उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि जनधन, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ झारखंड के करोड़ों लोगों तक पहुंचा है।
प्रेस वार्ता में सांसद विद्युत वरण महतो , विधायक पूर्णिमा साहू , अभय महतो,सरोज सिंह,बबन गुप्ता , मेनका सरदार, अमरप्रीत सिंह काले , संजीव सिन्हा तथा प्रेम झा भी उपस्थित थे। अंत में आदित्य साहू ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष केवल उपलब्धियों के आंकड़े नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में उठाए गए निर्णायक कदमों की कहानी हैं।

