जमशेदपुर। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मरीन ड्राइव सोनारी सेवा केंद्र की ओर से रविवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नशा मुक्ति संकल्प अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य लोगों को तम्बाकू और अन्य नशे की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें सकारात्मक और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के प्रति जागरूक करना था।
अभियान के दौरान लोगों को ईश्वर को साक्षी मानकर नशा मुक्त जीवन जीने की प्रतिज्ञा दिलाई गई। ब्रह्माकुमारीज़ के सदस्यों ने बताया कि केवल जागरूकता संदेश देने से अधिक प्रभाव तब पड़ता है, जब व्यक्ति स्वयं संकल्प लेकर अपने जीवन में बदलाव लाने का निर्णय करता है। इसी सोच के साथ लोगों को न केवल नशा छोड़ने, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प दिलाया गया।
शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित इस अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। जुबली पार्क में युवाओं ने उत्साहपूर्वक नशा मुक्ति की शपथ ली, जबकि जमशेदपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और आम नागरिकों को इस अभियान से जोड़ा गया। राजेंद्र विद्यालय के बाहर भी लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर संकल्प दिलाया गया।
अभियान के दौरान शुरुआत में कई लोग झिझकते नजर आए, लेकिन प्रतिज्ञा लेने के बाद उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार दिखाई दिया। ब्रह्माकुमारीज़ के कार्यकर्ताओं ने कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है और छोटे-छोटे संकल्प भी बड़े परिवर्तन की शुरुआत बन सकते हैं।
यह अभियान ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी, कोल्हान निदेशिका, के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि विश्व तम्बाकू निषेध दिवस केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नशे की समस्या के समाधान के लिए वर्षभर सतत प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने युवाओं को देश और समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि नशा इस शक्ति को कमजोर करता है। राजयोग मेडिटेशन और सकारात्मक संकल्पों के माध्यम से व्यक्ति आसानी से नशे की आदतों से मुक्ति पा सकता है।
मरीन ड्राइव सोनारी सेवा केंद्र की ओर से आयोजित इस अभियान में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी भाई-बहनों और युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई तथा नशा मुक्त भारत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

