चाईबासा: झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने संगठन की गरिमा, अनुशासन और मर्यादित कार्यसंस्कृति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 के लिए 11 सदस्यीय अनुशासन समिति की घोषणा की है।
यह निर्णय हाल ही में आयोजित प्रांतीय समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में संगठन की एकता, सक्रियता और संविधानसम्मत कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए अनुशासन समिति गठन का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
गठित समिति में वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष ओमप्रकाश अग्रवाल को संरक्षक मंडल में शामिल किया गया है। वहीं प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चन्द्र अग्रवाल और प्रांतीय महामंत्री विनोद कुमार जैन पदेन सदस्य के रूप में समिति का मार्गदर्शन करेंगे।
सम्मेलन के प्रांतीय उपाध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल को अनुशासन समिति का सभापति बनाया गया है। समिति में राज्य के विभिन्न जिलों से अनुभवी और सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। इनमें रांची से ललित कुमार पोद्दार और सुभाष पटवारी, कोडरमा से रामरतन महर्षि, गोड्डा से प्रीतम गाडिया, देवघर से राजकुमार शर्मा, चाईबासा से रमेश खिरवाल तथा जमशेदपुर से मुकेश मित्तल शामिल हैं।
समिति संगठन के संविधान, अनुशासन और मर्यादा के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ संगठनात्मक विषयों पर आवश्यक सुझाव देने तथा जरूरत पड़ने पर प्रांतीय नेतृत्व को अनुशंसा उपलब्ध कराने का कार्य करेगी।
अनुशासन समिति के सभापति कृष्णा अग्रवाल ने कहा कि किसी भी सामाजिक संगठन की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, अनुशासन और कार्यसंस्कृति में निहित होती है। उन्होंने कहा कि झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन सामाजिक समरसता, संगठनात्मक मर्यादा और पारदर्शिता की परंपरा को आगे बढ़ाता रहा है। समिति निष्पक्षता और संगठनहित की भावना के साथ कार्य करेगी तथा संगठन की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
उन्होंने प्रांतीय नेतृत्व द्वारा दिए गए दायित्व के प्रति आभार जताते हुए कहा कि समिति संगठन को और अधिक मजबूत, संगठित और अनुशासित बनाने में सकारात्मक भूमिका निभाएगी।

