चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के सदर अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ मंगलवार को झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष माधव चंद्र कुंकल के नेतृत्व में पुराने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया। धरने में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सामाजिक कार्यकर्ता, संगठन और आम नागरिक शामिल हुए।
धरना को संबोधित करते हुए रेयांश समड ने कहा कि सदर अस्पताल गरीबों की आखिरी उम्मीद है, लेकिन छोटी बीमारियों में भी मरीजों को रेफर कर दिया जाता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
वहीं सृजन टीम के सदस्य शंकर चत्तोंबा ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
खूंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने कहा कि चाईबासा का ब्लड बैंक पिछले आठ महीनों से लाइसेंस के अभाव में बंद पड़ा है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
धरने के दौरान मोर्चा की ओर से सदर अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए 17 सूत्री मांगें रखी गईं। इनमें ब्लड बैंक को अपग्रेड कर तीन पाली में संचालित करने, रात्रि पाली में पर्याप्त डॉक्टरों की व्यवस्था, प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड जांच, सीटी स्कैन और एमआरआई सेवा शुरू करने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, आईसीयू, बर्न वार्ड और प्रसव कक्ष का विस्तार, एचआईवी पीड़ित परिवारों को मुआवजा और स्थायी नौकरी देने की मांग शामिल थी।
इसके अलावा मरीजों की जांच के लिए आधुनिक मशीनों की व्यवस्था, पोस्टमार्टम में अवैध वसूली पर रोक, ग्रामीण मरीजों के लिए सरल पंजीकरण व्यवस्था, जिला प्रयोगशाला में सभी प्रकार की जांच शुरू करने, इमरजेंसी वार्ड में जमीन पर इलाज बंद करने, खराब एम्बुलेंसों की मरम्मत और डॉक्टरों तथा पैरामेडिकल कर्मियों की नियुक्ति की मांग भी उठाई गई।
मोर्चा ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत स्तर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव सुविधा सुनिश्चित की जाए ताकि गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक रूप से सदर अस्पताल रेफर न करना पड़े। साथ ही हड्डी टूटने वाले मरीजों के प्लास्टर की सुविधा भी सदर अस्पताल में शुरू करने की मांग की गई।
धरना में भगवान सवैया, राहुल बिरुवा, मनोज गोप, किशोर सवैया, पूजा सवैया, वीरसिंह बिरूली, महेंद्र जमुदा, वीरसिंह बालमुचू, दूसरु कुंकल, जगदीश बिरुवा, शांति हेंब्रम, मीनाक्षी हेम्ब्रम, संगीता देवगम, उदय सिंह बारी, दुबराज मारडी, तुरी सुंडी, रमेश जेराई और सुरेश सवैया समेत अन्य लोग मौजूद थे।
झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

