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बोरी में बंद लाश से उठा खौफनाक राज…. — 40 हजार की सुपारी में बेबी देवी की हत्या, 5 आरोपी गिरफ्तार — जमुनिया नदी से मिली लाश, पहचान छिपाने की साजिश नाकाम

बोकारो। चन्द्रपुरा थाना क्षेत्र के तरंगा पंचायत अंतर्गत चिरूवाद गांव के पास जमुनिया नदी में प्लास्टिक बोरे में बंद मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले में पुलिस ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। 23 अप्रैल 2026 को सामने आए इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी, जिसे अब पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बेरमो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच में खुलासा हुआ कि मृतिका की पहचान चास थाना क्षेत्र से 20 अप्रैल को लापता हुई महिला बेबी देवी के रूप में हुई। दामोदर वैली कॉरपोरेशन के डीवीसी अस्पताल, चन्द्रपुरा में रखे शव की पहचान परिजनों ने की। तफ्तीश में जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया। पुलिस के अनुसार, बेबी देवी की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत सुपारी देकर करवाई गई थी। मुख्य आरोपी गुड्डू वर्णवाल उर्फ मुकेश कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मात्र 40 हजार रुपये में इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद शव को प्लास्टिक बोरे में बंद कर पहचान मिटाने के उद्देश्य से जमुनिया नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों में गुड्डू वर्णवाल उर्फ मुकेश, शौकत रजा उर्फ गुड्डू अंसारी, जलेश्वर महतो, विवेक कुमार और अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार (JH09BG6008) सहित कई अहम साक्ष्य बरामद किए गए हैं। कार के भीतर से बाल और खून के निशान भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मृतिका और मुख्य आरोपी के बीच पहले से परिचय था। आपसी विवाद ने इस खौफनाक साजिश को जन्म दिया, जिसने एक निर्दोष महिला की जान ले ली। इस सफल कार्रवाई के बाद पुलिस ने एक जघन्य हत्या का पर्दाफाश कर दिया है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर यह भी दिखाया है कि छोटे से विवाद किस तरह भयावह अपराध में बदल सकते हैं।

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