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Fri. Apr 17th, 2026

झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जंगल से 500 मीटर के भीतर खनन और 400 मीटर के भीतर क्रशर पर रोक

*रांची* झारखंड हाईकोर्ट ने संरक्षित वन क्षेत्रों के पास स्टोन माइनिंग और क्रशर मशीनों की दूरी को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने पहले लागू 1 किलोमीटर की सीमा में आंशिक बदलाव करते हुए नया अंतरिम नियम तय किया है।

अब आदेश के अनुसार, जंगल या वन भूमि से 500 मीटर के भीतर स्टोन माइनिंग की अनुमति नहीं होगी, जबकि स्टोन क्रशर 400 मीटर के दायरे में स्थापित नहीं किए जा सकेंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा जारी 250 मीटर दूरी वाला नोटिफिकेशन फिलहाल प्रभावहीन हो गया है और पुराने 500/400 मीटर नियम को फिर से लागू कर दिया गया है।

कोर्ट ने झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया है कि 1 किलोमीटर के दायरे में पहले से दी गई सभी स्वीकृतियों का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट 1 जून 2026 तक प्रस्तुत की जाए।

साथ ही, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्यों के लिए 1 किलोमीटर का बफर जोन पहले की तरह लागू रहेगा। मामले की अगली सुनवाई 18 जून 2026 को निर्धारित की गई है, तब तक यह अंतरिम व्यवस्था प्रभावी रहेगी।

दरअसल, पूर्व में कोर्ट ने संरक्षित जंगलों से 1 किलोमीटर के भीतर खनन और क्रशर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। वहीं राज्य सरकार का कहना था कि यह नियम केवल राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों पर लागू होता है, सामान्य संरक्षित वनों पर नहीं।

कोर्ट ने पाया कि दूरी को 500 मीटर से घटाकर 250 मीटर करने का निर्णय बिना ठोस आधार के लिया गया था। इसे “non-application of mind” मानते हुए अदालत ने कहा कि इससे पर्यावरण को गंभीर और अपूरणीय क्षति हो सकती है।

इसी आधार पर कोर्ट ने precautionary principle लागू करते हुए पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी और पुराने नियम को बहाल कर दिया।

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