कोडरमा। दीन दयाल उपाध्याय गया प्रधानखांटा रेलखंड में रेल परिचालन की 180 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति क्षमता तक वृद्धि हेतु अवसंरचना उन्नयन कार्य किया जा रहा है। इस क्रम में बुधवार को डीडीयू-गया-प्रधानखांटा रेलखंड में मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस ट्रायल ट्रेन से 180 किमी प्रतिघंटा तक की अधिकतम गति के साथ परिचालन हेतु निरीक्षण सह ट्रायल किया गया। पहले ट्रेन डाउन दिशा में डीडीयू जंक्शन से चलकर गया जंक्शन होते हुए आगे प्रधानखांटा तक गई, वहीं फिर प्रधानखांटा से अप दिशा में डीडीयू जंक्शन तक वापस गई। उक्त ट्रेन बुधवार को सुबह 11 बजे डीडीयू से खुलकर सासाराम, देहरी ऑन सोन, अनुग्रहनारायन रोड होते हुए 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गया जंक्शन पहुंची। जहां से धनबाद रेल मंडल के डीआरएम व अन्य रेल अधिकारी उसमें सवार हुए और कोडरमा, पारसनाथ, गोमो, धनबाद होते हुए प्रधानखांटा स्टेशन पहुंची। इससे पूर्व डीडीयू से प्रधानखांटा के बीच में आने वाले सभी स्टेशनों व हाल्ट पर एआरपीएफ की तैनाती देखी गई। जहां एआरपीएफ द्वारा ट्रेन के गुजरने से पूर्व प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्रियों को रेलवे ट्रैक से दूरी बनाकर खड़े रहने की अपील की गई। इसके साथ ही रेलवे ने सभी जनमानस से अपील की कि वे रेल लाइन के निकट न आएं तथा मवेशियों को भी रेल लाइन से दूर रखें। सभी समपार फाटक पर सभी संकेतों एवं निर्देशों का पालन करने की भी हिदायत दी गई थी। लोगों से एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए उपलब्ध फुट ओवर ब्रिज के प्रयोग करने की हिदायत दी गई थी। जैसे ही ट्रेन कोडरमा स्टेशन से गुजरने वाली थी, उससे करीब आधे घंटे पूर्व से ही रेलवे द्वारा कोडरमा स्टेशन पर माइक से यात्रियों व अन्य लोगों को रेलवे ट्रैक से दूरी बनाए रखने की सूचना प्रसारित की जाने लगी। इसके साथ ही आरपीएफ के जवान भी इस दौरान मुस्तैद नजर आए और लोगों से ट्रैक से दूरी बनाए रखने की हिदायत देते रहे। इधर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन गुजरने की सूचना जैसे ही लोगों को मिली वे काफी उत्साहित हो गए। कई लोग जो स्टेशन परिसर से बाहर खड़े थे, वे भी कोडरमा स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर आकर खड़े हो गए और मोबाइल में इस पल को कैद करने लगे। यात्रियों ने बताया कि ऐसे हाई स्पीड ट्रेन के परिचालन से हावड़ा और दिल्ली जैसे महानगर की यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी फायदा होने वाला है। जहां कोडरमा से हावड़ा जाने में वर्तमान में 8 से 10 घंटे तक का समय लगता है, वहीं इस ट्रेन के परिचालन होने से लोग हावड़ा 3 से 5 घंटे, जबकि दिल्ली की दूरी 10 घंटे में ही तय हो जाएगी। अब लोगों को इंतजार है कि कब इस हाई स्पीड ट्रेन का नियमित संचालन इस रेलखंड पर होगा।

