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Wed. Mar 25th, 2026

चाईबासा में डालसा का जागरूकता अभियान, डायन प्रथा के खिलाफ लोगों को किया सचेत

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) द्वारा समाज में फैली कुप्रथाओं और अंधविश्वास के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। सदर प्रखंड के विभिन्न गांवों और क्षेत्रों में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और डायन प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करना था। यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष मौ शाकिर के निर्देश पर न्याय रथ के माध्यम से संचालित किया गया।

अभियान के तहत लगाए गए शिविरों में ग्रामीणों को विस्तार से बताया गया कि किसी भी व्यक्ति को डायन कहकर प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि यह केवल अंधविश्वास पर आधारित कुप्रथा है, जिसका आधुनिक समाज में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रांतियों से दूर रहें तथा किसी भी तरह की हिंसा या उत्पीड़न से बचें।

कार्यक्रम के दौरान यह भी सामने आया कि कई मामलों में नशे की स्थिति में लोग इस तरह के आरोप लगाते हैं, जिससे निर्दोष लोगों को मानसिक और शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ती है। ऐसे में समाज को सजग रहने और आपसी समझदारी बढ़ाने की जरूरत बताई गई।

डालसा की ओर से लोगों को यह भी जानकारी दी गई कि सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हैं और किसी के भी अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की कुप्रथा का शिकार होता है, तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।

इस अभियान को सफल बनाने में पीएलवी आशिमा चटर्जी, संगीता देवी, स्वाति मुखर्जी, हेमराज निषाद और रत्ना चक्रवर्ती ने सक्रिय योगदान दिया। कार्यक्रम की जानकारी प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी द्वारा बुधवार को दी गई।

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