चाईबासा: प्रकृति के महान पर्व सरहुल को पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिले में हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय चाईबासा से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक विभिन्न स्थानों पर पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर आदिवासी समाज की परंपराओं और प्रकृति के प्रति आस्था की झलक साफ देखने को मिली।
चाईबासा के पुलिस केंद्र में भी सरहुल पूजा का आयोजन किया गया। इस मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश, डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, पुलिस अधीक्षक अमित रेनू, सीआरपीएफ के डीआईजी, एसडीपीओ बहामन टूटी सहित कई पुलिस पदाधिकारी और जवान उपस्थित रहे। सभी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और इसके बाद सरहुल गीत और नृत्य का आयोजन किया गया, जिसमें जवानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
वहीं, शहर के मेरी टोला स्थित सरहुल चौक में आदिवासी उरांव समाज सरहुल पूजा समिति, चाईबासा द्वारा पारंपरिक तरीके से मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर परिषद चाईबासा के अध्यक्ष नितिन प्रकाश, उपाध्यक्ष विकास शर्मा, अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग टोपनो, एसडीपीओ बहामन टुटी, अंचलाधिकारी उपेंद्र कुमार, समाजसेवी सुनील प्रसाद साव, उरांव समाज संघ के अध्यक्ष संचू तिर्की, पश्चिमी सिंहभूम चेंबर के अध्यक्ष निरंजन अग्रवाल और कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
मुख्य कार्यक्रम के बाद चाईबासा शहर में भव्य सरहुल शोभायात्रा निकाली गई, जो देर रात तक चलती रही। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में उरांव समाज के पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया और पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य-गीत प्रस्तुत किए।
शोभायात्रा से पूर्व सरहुल चौक में समाजसेवी सह धर्म प्रेमी सिकंदर यादव द्वारा लगाए गए सेवा शिविर का उद्घाटन नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश ने फीता काटकर किया। इस शिविर में आगंतुकों और शोभायात्रा में शामिल लोगों के लिए पानी, चॉकलेट, आइसक्रीम और ठंडा पेय की व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर सिकंदर यादव ने नगर परिषद अध्यक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
सिकंदर यादव के छोटे भाई अभिषेक यादव उर्फ अंकित यादव ने बताया कि यह सेवा शिविर उनके बड़े भाई द्वारा अपने स्वर्गीय पिता की स्मृति में कई वर्षों से लगातार लगाया जा रहा है, ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।
इसके अलावा, चाईबासा के बड़ी बाजार स्थित उर्दू लाइब्रेरी के पास अंजुमन इस्लामिया द्वारा भी शोभायात्रा में शामिल लोगों के लिए फल और शीतल जल की व्यवस्था की गई थी।
अंजुमन इस्लामिया के सचिव फैयाज खान ने बताया कि इंसानियत को जिंदा रखना हम सबका फर्ज है। उन्होंने कहा कि इस बार ईद और सरहुल एक साथ मनाया जा रहा है, जो आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक है।
कुल मिलाकर, सरहुल पर्व ने पूरे जिले में सामाजिक सद्भाव, संस्कृति और परंपरा की अनूठी मिसाल पेश की।

