चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में बढ़ते अवैध खनन को लेकर पूर्व मंत्री सह भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध खनन लगातार बढ़ रहा है और इसके लिए जिला प्रशासन, जिले के पुलिस प्रशासन, रेल प्रशासन, डीएमओ कार्यालय तथा राज्य सरकार जिम्मेदार हैं। गागराई ने आरोप लगाया कि पैसों के लालच में अवैध खनन का खेल खुलेआम चल रहा है।
यहां हर विभाग का अपना-अपना हिस्सा, यूं कहा जाए तो “परसेंटेज” बंधा हुआ है। जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और आम लोगों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है।
बड़कुंवर गागराई ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में करीब 40 खदानें बंद पड़ी हैं, लेकिन इसके बावजूद जिले से अवैध तरीके से लौह अयस्क की ढुलाई लगातार की जा रही है। उन्होंने कहा कि दिन और रात मालवाहक वाहन अवैध खनिज लेकर जिले से बाहर जा रहे हैं।
उनके अनुसार कई स्थानों पर यह भी देखने को मिल रहा है कि थाना स्तर पर ही वाहनों को रोकने के बजाय छोड़ दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई थाना क्षेत्रों में थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्र में बैठकर हिस्सा लेकर गाड़ियों को छोड़ दे रहे हैं। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही हो रही है।
पूर्व मंत्री ने जिले में बालू के अवैध खनन पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि हाल ही में सोनुवा क्षेत्र में सोनुवा के अंचल अधिकारी और कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा बालू लदे एक ट्रैक्टर को पकड़ा गया था।
आरोप है कि ट्रैक्टर चालक से पैसे लिए गए, उसके बाद ट्रैक्टर का छक्का यानी टायर की हवा निकाल दी गई और बैटरी भी निकाल ली गई। बाद में जब यह मामला बढ़ गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, तो संबंधित लोगों द्वारा पैसा वापस कर दिया गया।
गागराई ने कहा कि तांतनगर प्रखंड क्षेत्र से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में जितना भी अवैध खनन हो रहा है, वह जिला प्रशासन और राज्य सरकार के संरक्षण में ही चल रहा है।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन का सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहा है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। गागराई ने यह भी कहा कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड का उपयोग क्षेत्र के विकास के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन उसका भी सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है।
बड़कुंवर गागराई ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे इस मामले को सदन में उठाएंगे और केंद्रीय खनन मंत्री तक इसकी जानकारी पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को लेकर अदालत का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिले में हो रहे अवैध खनन पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जाए।

