चाईबासा: भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा जाति मोर्चा ने झारखंड सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत बजट को लेकर नाराजगी जताई है। मोर्चा के प्रदेश मंत्री हेमन्त कुमार केशरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राज्य सरकार ने बजट में पिछड़े वर्ग की जनता की उपेक्षा की है।
उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों से राज्य सरकार पिछड़ी जाति के छात्र-छात्राओं और युवाओं के प्रति स्पष्ट नीति नहीं अपना रही है। उनका आरोप है कि बीते दो वर्षों से पिछड़े वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे अभिभावकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बजट में बकाया छात्रवृत्ति भुगतान का उल्लेख नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
हेमन्त कुमार केशरी ने कहा कि राज्य में लगभग 52 प्रतिशत आबादी पिछड़े वर्ग की है, इसके बावजूद बजट में उनके लिए अलग से राशि निर्धारित नहीं की गई। इसे उन्होंने भेदभावपूर्ण रवैया बताया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में पिछड़े वर्ग के व्यवसायी हैं, जो सरकार को कर के रूप में बड़ी राशि देते हैं, फिर भी उनके हितों की अनदेखी की गई है।
मोर्चा ने प्रस्तुत बजट को “हवा-हवाई” करार देते हुए कहा कि इससे आम जनता को लाभ नहीं होगा, बल्कि भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी बढ़ने की आशंका है।

