जमशेदपुर। आनंद मार्ग का विश्वस्तरीय धर्म महासम्मेलन पुरुलिया जिले के आनंद नगर स्थित आनंद मार्ग मुख्यालय में भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए साधकों और आचार्यों की उपस्थिति में अनेक आध्यात्मिक एवं सेवा से जुड़े कार्यक्रम संपन्न हुए। सम्मेलन के दौरान श्रद्धेय पुरोधा प्रमुख आचार्य विश्वदेवानंद अवधूत के कर-कमलों से जमशेदपुर के सुनील आनंद को अध्यात्मिक भाव से समाजसेवा के लिए जनसेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें आनंद मार्ग के विश्व मंच पर आठवीं बार प्राप्त हुआ है।
जनसेवा पुरस्कार संस्था द्वारा वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर विश्व स्तर पर किए गए सेवा कार्यों के मूल्यांकन के बाद प्रदान किया जाता है। सुनील आनंद को यह सम्मान रक्तदान शिविरों के आयोजन, मोतियाबिंद जांच एवं निशुल्क लेंस प्रत्यारोपण, डायन प्रथा व बलि प्रथा के खिलाफ जागरूकता, नव्य मानवतावादी सिद्धांत पर आधारित सामाजिक पहल तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया।
सुनील आनंद इससे पहले भी कई बार इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। उन्हें वर्ष 2017, 2019 और 2020 में जनसेवा पुरस्कार मिला था। इसके बाद 1 जनवरी 2022 को चौथी, 1 जनवरी 2023 को पांचवीं, 5 जून 2023 को छठवीं, 1 जनवरी 2024 को सातवीं और अब 1 जनवरी 2026 को आठवीं बार यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
जनवरी 2025 से 29 दिसंबर 2025 तक आनंद मार्ग प्रचारक संघ एवं AMURT ग्लोबल के माध्यम से सुनील आनंद के नेतृत्व में कार्यरत टीम द्वारा व्यापक जनसेवा गतिविधियां संचालित की गईं। इस अवधि में नियमित और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 65 मोतियाबिंद जांच शिविर आयोजित किए गए, जिनमें आंखों की जांच, आशु नलिका व रेटिना जांच के साथ लगभग एक हजार लोगों का निशुल्क मोतियाबिंद लेंस प्रत्यारोपण किया गया। इसके साथ ही 21 रक्तदान शिविरों के माध्यम से करीब एक हजार यूनिट रक्त संग्रह किया गया।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में निशुल्क तीन हजार पौधों का वितरण किया गया और पांच हजार बीज बॉल लोगों के बीच बांटे गए। जरूरतमंदों के बीच 300 कंबल, 200 साड़ी एवं धोती का वितरण किया गया। इसके अलावा ओट कटा व तालु कटा से पीड़ित 15 बच्चों का सफल ऑपरेशन कराया गया। नारायण सेवा के तहत गदरा आश्रम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 24 बार मोबाइल नारायण सेवा भी संचालित की गई।
लगातार आठवीं बार जनसेवा पुरस्कार से सम्मानित होने पर सुनील आनंद ने इसे पूरी टीम और सहयोगियों की मेहनत का परिणाम बताया और कहा कि आगे भी वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

