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जगन्नाथपुर में रितुई-गोंडाई व कोल्हान के वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर में गुरुवार को आदिवासी हो समाज महासभा की ओर से वीर रितुई-गोंडाई एवं कोल्हान के शहीदों का शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जगन्नाथपुर विधायक एवं सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक सोनाराम सिंकु मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत जगन्नाथपुर मेन मार्केट स्थित रितुई-गोंडाई चौक में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा पदयात्रा निकाली गई, जो रितुई-गोंडाई स्मारक स्थल तक पहुंची। स्मारक स्थल पर विधायक सोनाराम सिंकु ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष करने वाले पोटो हो, नारा हो, पंडुवा हो, बढ़ाये हो, बेराई हो सहित अन्य वीर शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

सभा को संबोधित करते हुए सोनाराम सिंकु ने कहा कि आदिवासी समाज सदैव वीरता और संघर्ष की मिसाल रहा है। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आदिवासी समाज ने सेरेंगसिया घाटी जैसे अनेक युद्ध लड़े, लेकिन संसाधनों और दस्तावेजीकरण के अभाव में उनका इतिहास मुख्यधारा की पुस्तकों में स्थान नहीं पा सका। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने कभी भी ब्रिटिश हुकूमत को स्वीकार नहीं किया और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष किया, जो उस समय की सामाजिक एकता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि आज समाज शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और हर पंचायत व गांव में विद्यालय उपलब्ध हैं। सरकार की ओर से बच्चों को किताब, कॉपी, साइकिल, स्कूल ड्रेस, बैग, जूता और स्वेटर जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, इसके बावजूद समाज में एकजुटता की कमी महसूस की जा रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल और कॉलेज के कई छात्र नशे की ओर बढ़ रहे हैं और अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं। उन्होंने समाज और अभिभावकों से बच्चों और युवाओं को सही दिशा देने की अपील की।

सोनाराम सिंकु ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अपनी हो भाषा, संस्कृति, रीति-रिवाज और परंपराओं का ज्ञान देना अत्यंत आवश्यक है। समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा के साथ पर्व-त्योहारों और सामाजिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी जरूरी है, ताकि समाज की एकता और पहचान दोनों सुरक्षित रह सकें।

कार्यक्रम में कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष ललित कुमार दोराईबुरु, आदिवासी हो महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्णा चन्द्र बोदरा, केंद्रीय उपाध्यक्ष मनोज देवगम, तिरिल तिरिया, सुदर्शन लागुरी, वरिष्ठ कांग्रेसी बिपिन सिंकु सहित समाज महासभा के कई पदाधिकारी, बुद्धिजीवी, विभिन्न मौजा के मानकी, मुंडा, डाकुवा, दिऊरी तथा आसपास के गांवों से आए बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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