छपरा: बिहार के छपरा शहर में कड़ाके की ठंड के बीच लापरवाही एक परिवार पर भारी पड़ गई। भगवान बाजार थाना क्षेत्र की अंबिका भवानी कॉलोनी में बीती देर रात बंद कमरे में अंगीठी जलाने से दम घुटने के कारण चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।
मिली जानकारी के अनुसार, ठंड से बचने के लिए परिवार के लोगों ने रात में कमरे के अंदर अंगीठी जलाई और दरवाजा-खिड़कियां बंद कर सो गए। कुछ ही देर में कमरे के भीतर ऑक्सीजन की कमी हो गई और अंगीठी से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैल गई, जिससे सभी बेहोश हो गए। इस हादसे में 70 वर्षीय कमलावती देवी, तीन वर्षीय तेजांश, सात माह की आद्या और नौ माह की गुड़िया की मौके पर ही मौत हो गई। तीन मासूम बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जा रहा है कि परिवार के कुछ सदस्य इलाज के सिलसिले में वाराणसी से छपरा आए हुए थे। इस घटना में अंजली, अमीषा, अमित कुमार और संजय शर्मा की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें तत्काल छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही भगवान बाजार थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ठंड के मौसम में बंद कमरे में अंगीठी, अलाव या बोरसी जलाने से बचें, क्योंकि इससे जानलेवा हादसे हो सकते हैं।

