जमशेदपुर के विकास से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।*
झारखण्ड सरकार के माननीय वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के जमशेदपुर दौरे के दौरान चैम्बर आकर चैम्बर सदस्यों से रूबरू हुये और जमशेदपुर के विकास से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया, मानद महासचिव पुनीत कांवटिया एवं अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया तथा झारखण्ड एवं जमशेदपुर के विकास से संबंधित मुद्दों को उनके समक्ष रखा।
अध्यक्ष मानव केडिया ने माननीय मंत्री के समक्ष टाटा कमांड लीज एरिया में बंद पड़े प्रोपर्टी की रजिस्ट्री को फिर से चालू करवाने की मांग की। अध्यक्ष ने कहा कि इसके बंद होने से जमशेदपुर का विकास धीमी गति से हो रहा है और राज्य के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
मानद महासचिव पुनीत कांवटिया ने कहा कि नई औद्योगिक ईकाईयों के प्रोत्साहन हेतु राज्य को अधिक प्रतिस्पर्धात्मक प्रोत्साहन ढांचा विकसित करने की आवश्यकता है। एम.एस.एम.ई. एवं विनिर्माण इकाईयों के लिये पूंजी सब्सिडी, प्रारंभिक वर्षों के लिये ब्याज अनुदान, रियायती बिजली दरें तथा त्वरित एवं समय-सीमाबद्ध स्वीकृति तंत्र से उद्योगों की स्थापना प्रक्रिया में तीव्रता आयेगी। विभागीय समन्वय को सुनिश्चित करते हुये एक वास्तविक ‘एकल खिड़की प्रणाली’ (सिंगल विन्डो सिस्टम) को प्रभावी रूप से लागू करना आवश्यक है। औद्योगिक भू-भंडार (लैण्ड बैंक), प्लग-एंड-प्ले फैक्टरी शेड, प्रदूषण अनुमति की शीघ्र स्वीकृति तथा श्रम अनुपालन की सरलीकरण से झारखण्ड की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी।
उपाध्यक्ष अनिल मोदी ने राज्य में प्री-जीएसटी और पोस्ट-जीएसटी के बहुत से मामले विभिन्न विभागों में लंबित है। इसके कारण डिफरेंशियल राशि का भुगतान वर्षों से अटका हुआ है। अतः आवश्यक है कि राज्य सरकार एक विशेष निपटान एवं सत्यापन तंत्र ;ैचमबपंस त्मपउइनतेमउमदज ैमजजसमउमदज ब्मससद्ध बनाकर वकरर्््स कॉन्टैªक्ट के सभी प्री-जीएसटी एवं पोस्ट-जीएसटी दावों का प्राथमिकता पर समयबद्ध रूप से निस्तारित किये जाने का मुद्दा उठाया।
उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने माननीय मंत्री का ध्यानाकृष्ट कराते हुये कहा कि राज्य के राजस्व वृद्धि के दृष्टिकोण से आवश्यक है कि राज्य कराधान तंत्र को अधिक पारदर्शी, डिजिटल एवं अनुपालन-आधारित बनाया जाए। जीएसटी अनुपालन को सुदृढ़ करने हेतु डेटा-विश्लेषण आधारित निरीक्षण प्रणाली, ई-गवर्नेंस साधनों का विस्तार तथा कर चोरी रोकने की स्वचालित व्यवस्था आवश्यक है।
उपाध्यक्ष हर्ष अग्रवाल ने कहा कि खनन क्षेत्र, जो राज्य की आय का प्रमुख आधार है, में अव्यवस्थित पट्टों की शीघ्र नीलामी, खनिज परिवहन की वास्तविक समय (रीयल- टाईम) निगरानी तथा खनन राजस्व के रिसाव को रोकने हेतु तकनीकि तंत्र का सुदृढ़ीकरण आवश्यक है।
उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल गोल्डी ने कहा कि कोल्हान में पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। यहां इसके लिये प्रचुर मात्रा प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं।
माननीय मंत्री ने सभी मुद्दों पर ध्यान देने का आश्वासन व्यवसायियों एवं उद्यमियों को दिया।
बैठक में उपाध्यक्ष सचिव भरत मकानी, अंशुल रिंगसिया, बिनोद शर्मा एवं लिपु शर्मा, निवर्तमान अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, पूर्व अध्यक्ष ए.के. श्रीवास्तव, नंदकिशोर अग्रवाल, उमेश खीरवाल, प्रतीक अग्रवाल, पीयूष गोयल, प्रकाश मोदी, दिलीप गोयल, राजीव बाकरेवाल, राजेश रिंगसिया, आनंद चौधरी के अलावा व्यवसायी एवं उद्यमीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

