चाईबासा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चाईबासा स्थित माधव सभागार में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े कई लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री वी. सुरेंद्रन ने अपने विचार रखे।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसके योगदान और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि संघ ने स्थापना काल से ही राष्ट्र को संगठित और सशक्त बनाने का कार्य किया है। सेवा, समर्पण और संगठन के माध्यम से समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया गया है। शिक्षा, सेवा, ग्राम विकास, स्वावलंबन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में स्वयंसेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
वी. सुरेंद्रन ने “पंच परिवर्तन” की अवधारणा पर भी जोर दिया। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों के पालन को समाज में सकारात्मक बदलाव का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष आत्मचिंतन और समाज के प्रति दायित्व निभाने का अवसर है। साथ ही युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

