चाईबासा: झारखंड की सियासत में घाटशिला उपचुनाव को लेकर गर्माहट लगातार बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गुरुवार को चाईबासा के खिरवाल धर्मशाला में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की। इस प्रेस वार्ता को पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने संबोधित किया।
प्रेस वार्ता में मिथिलेश ठाकुर ने आगामी उपचुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति, जनसमस्याओं और सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा हमेशा जनभावनाओं की राजनीति करती आई है और जनता के विश्वास की बदौलत ही बार-बार सत्ता में आई है। उन्होंने कहा कि इस बार भी धन बल नहीं, बल्कि जनबल की जीत होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को लेकर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने चंपई सोरेन को सम्मान, पद और जिम्मेदारी दी थी, लेकिन उन्होंने उसका मोल नहीं समझा। ठाकुर ने कहा कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में इसका परिणाम साफ दिखा, जब वे बमुश्किल अपनी सीट बचा पाए।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले घाटशिला उपचुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है। भाजपा धनबल के भरोसे चुनाव लड़ती है, लेकिन झारखंड की जनता जनबल के साथ है। इस उपचुनाव में भाजपा की जमानत जब्त होना तय है।
प्रेस वार्ता में झामुमो और गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इनमें चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, झामुमो के जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम, कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, तथा राजद और झामुमो के अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
पार्टी नेताओं ने कहा कि गठबंधन एकजुट है और जनता के मुद्दों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगा। वहीं, स्थानीय कार्यकर्ताओं में उपचुनाव को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें घाटशिला पर टिकी हैं कि क्या वाकई झामुमो का जनबल, भाजपा के धनबल पर भारी पड़ेगा।

