*माओवादियो से लोहा लेने वाले व्यक्ति मोहीबुद्दीन खान राशन कार्ड एवं मुआवजे के लिए भटक रहे है।*
*माओवादियो के खिलाफ आवाज उठाया तो घर जलाकर परिवार पर अत्याचार किया था।मोहीबुद्दीन खान।*
*एसपी से साहसी पत्र पाने वाले आज राशन कार्ड,मुआवजे एवं सरकारी लाभ लेने के लिए दर-दर भटक रहे है।*
प्रतापपुर चतरा
90 के दशक में क्षेत्र मे माओवादीओ के तूती बोलता था उनके बिना एक पत्ता भी नही हिलता था ऐसे में माओवादी संगठन से लोहा लेने वाले व्यक्ति वर्तमान समय मे अपने राशन कार्ड बनवाने एवं धतिग्रस्त घर के मुआवजे के लिए दर-दर प्रखंड कार्यलय को भटक रहे है।लोहा लेने वाला व्यक्ति थाना क्षेत्र के भरही पंचायत के जोलहा बिगहा गांव निवासी मोहीबुद्दीन खाना है जो माओवादियो के खिलाफ आवाज उठने पर माओवादी संगठन ने इनके घरो को जला दिया था तथा इनके परिवारो के साथ आत्याचार किया था।लेकिन फिर भी सत्य की लड़ाई उनके साथ लड़ते रहे है और अपने क्षेत्र से माओवादियो को भगाने में सफल रहे।माओवादी द्वारा मोहीबुद्दीन खान के घर जलाने के बाद मोहीबुद्दीन खान वर्तमान समय मे सिलदाहा नदी के किनारे घर बनाकर अपने परिवार के साथ रह रहा है भुतभोगी सह माओवादीयो से लोहा लेने वाले मोहीबुद्दीन खान ने बताया की नब्बे की दशक में माओवादियो द्वारा गांव मे आकर लोगो पर आत्याचार एवं महिलाओ के साथ दुर्व्यहार करते थे।इनके बंदूको को देखकर गांव के लोग सहमकर रह जाते थे लेकिन मैं माओवादियो के आत्याचार के खिलाफ आवाज उठाया।जिसके बाद माओवादी संगठन ने पहली बार 16 सितम्बर 1989 मे जोलहा बिगहा मेरे घर पर आकर मारपीट तथा गोलीबारी किया था फिर भी उनके अत्याचार के खिलाफ बोलता रहा। इस बुलंदी आवाज को दबाने के लिए माओवादी दुसरी बार 15 सितम्बर 2009 मे करीब दो सौ की संख्या में जोलहा बिगहा गांव मे आकर मेरे घर को चारो तरफ से घेर लिया और अंधाधुन फायरिंग किया तथा मेरे घर को आग के हवाले कर दिया।उन्होने मेरे एवं मेरे परिवारो पर आत्याचार भी किया था।कई गोलियो मेरे हाथ में लगी थी माओवादी द्वारा चलाये गये गोलियो की निशान मेरे मकान एवं मेरे शरीर में अभी भी है गोली लगने के बाद हम बुरी तरफ से घायल हो गये थे जिसके बाद कोलकता मे काफी दिन रहकर अपना इल्लाज कराया था।
*माओवादी आगजनी मे लाखो का नुकासान।मोहीबुद्दीन खान।*
माओवादियो द्वारा मेरे घर मे आगजनी करने पर लाखो का नुकसान उठाना पड़ा था।घर मे रखे कई क्विनटल चावल,गेहू समेत अन्य खाने पीने की समान जलकर वर्बाद हो गया था।आग द्वारा धतिग्रस्त घर के मुआवाजे को लेकर कई बार प्रखंड कार्यलय का चक्कर काट चुका हूं लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी मुआवजा नही मिला है।वर्तमान समय में घर में खाने को लाले पड़े है फिर भी असमर्थ होकर खेती कर अपना परिवार को भरन-पोषन कर रहे है पूर्व में लाल कार्ड के माध्यम से राशन मिलता था लेकिन डीलर द्वारा कार्ड तो हटा दिया गया है जिससे राशन भी नही मिल पाता है।मैं लाल कार्ड के लिए कई माह पहले ही ऑनलाईन कर दिया है लेकिन अभी तक मेरा लाल कार्ड नही है कार्ड बनवाने के लिए कई बार प्रखंड कार्यलय का चक्कर काट रहे है इतना ही नही कई प्रतिनिधियो से कार्ड के लिए गुहार भी लगाया चुका हू मोहीबुद्दीन खान ने सरकार एवं जिला प्रशासन से आगजनी में हुई धतिग्रस्त घर के दुरूस्त,बर्वाद समानो की उचित मुआवाजा तथा आर्थिक सहयोग के लिए गुहार लगाया है।आगे कहा है की सरकार द्वारा मिलने वाले सरकारी वृद्धापेंशन की राशि बढा़या जाए तथा लाल कार्ड बनाया जाए।जबकी सरकार माओवादियो के खत्म एवं आत्मसमर्पण करने के लिए सरकार दर्जनो कल्याणकारी योजना चलाकर लाखो रूपये बर्वाद किया है।
*माओवादी से लोहा लेने पर एसपी द्वारा प्रशस्त्री पत्र दिया गया था।*
सन् 2009 मे माओवादियो से लोहा लेने वाले जोलहा बिगहा गांव निवासी मोहीबुद्दीन खान को निवर्तमान चतरा पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार सिंह के द्वारा दिनांक 15 सितम्बर 2009 को साहासी कार्य हेतु प्रशस्त्री-पत्र देकर सम्मानित किया गया था।इनका जन्म 1948 में हुआ था तीन पुत्र व एक पुत्री है।

