महुआडांड थाना क्षेत्र स्थित ग्राम चीरोपाठ टोला बर्डिह निवासी जूलिया देवी पति स्व. जुलियुस नगेशिया की जंगली भालू के हमले से मौत हो गई।भालू ने जूलिया देवी माथा एवं चेहरेपर बुरी तरह नोच लिया था जिससे मृतका का काफी खुन बह गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस संबंध में महुआडांड़ वनपाल अजय टोप्पो ने बताया कि महिला शनिवार को अपने घर से लकड़ी लाने के लिए जंगल गई हुई थी। और इसके घर के सारे परिवार कहीं और गए हुए थे। जब सभी लोग वापस लौटे तो जूलिया देवी को घर पर नहीं पाया।तो सभी गांव वाले मिलकर उसकी खोजबीन के लिए जंगल की ओर निकले। जिसके बाद जंगल में पहुंचने के उपरांत लोगों को जूलिया देवी का शव नजर आया जो भालु के हमले से मर चुकी थी। वहीं ग्रामीणों के द्वारा बहिंगा बनाकर उसके शव को ढोकर घर लाया गया। जिसके उपरांत घटना की जानकारी वन विभाग को रविवार को सुबह दस बजे दिया गया। जानकारी मिलते ही महुआडांड रेंजर वृन्दा पांडेय के नेतृत्व में वनपाल अजय टोप्पो एवं वनकर्मी घटना स्थल पर गये एवं छानबीन करने के उपरांत घटना को सही पाया। जिसके उपरांत मृतिका के परिवार वालों को सांत्वना देते हुए तत्काल मुआवजा के रूप में 25000₹ मृतक के पुत्र श्री रतू नगेशिया को दिया गया। मुआवजा की शेष राशि का भुगतान सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक के परिजनों को दे दिया जाएगा। ज्ञात हो कि इसके पूर्व में भी 2 जून को कुकुदपाठ बांसडीह निवासी बंधु नागशिया उम्र 42 वर्ष की मौत जंगली भालु के हमले से हो गई थी। इस तरह से 1 सप्ताह में दो लोगों को भालू के द्वारा हमले कर मौत के घाट उतार दिया गया है।

