चाईबासा: महानवमी के पावन अवसर पर सोमवार को पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने परिवार और पड़ोस की छोटी-छोटी बच्चियों के साथ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने बच्चियों को मां दुर्गा का रूप मानते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें उपहार भेंट किए। उपहार पाकर बच्चियों के चेहरे खिल उठे और उनके बीच खुशी का माहौल देखने को मिला।
महानवमी के अवसर पर बड़कुंवर गागराई ने बच्चियों के साथ खुशियां बांटकर त्योहार को खास बनाने का प्रयास किया। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें उपहार देकर प्रोत्साहित किया। इस दौरान बच्चियों की खुशी देखते ही बन रही थी। उनके इस प्रयास से त्योहार के मौके पर बच्चों के बीच अपनापन और उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने कहा कि महानवमी का पर्व मां दुर्गा की आराधना, शक्ति, श्रद्धा और सेवा का संदेश देता है। नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। महानवमी के दिन छोटी बच्चियों को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करने की परंपरा है। यह परंपरा हमें बेटियों के सम्मान, उनके प्रति प्रेम और समाज में उनके महत्व को समझने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों का असली आनंद केवल पूजा-पाठ और उत्सव मनाने में ही नहीं, बल्कि दूसरों के साथ खुशियां बांटने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने में भी है। जब हम अपने आसपास के बच्चों और जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाते हैं, तो त्योहार की खुशी और बढ़ जाती है। समाज में आपसी प्रेम, सहयोग और सेवा की भावना को मजबूत करना भी ऐसे पर्वों का उद्देश्य है।
बड़कुंवर गागराई ने कहा कि बच्चों के साथ कुछ समय बिताना और उन्हें प्रोत्साहित करना एक छोटी-सी पहल जरूर है, लेकिन इससे उनके मन में खुशी और अपनापन बढ़ता है। उन्होंने महानवमी के अवसर पर सभी लोगों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। साथ ही सभी से अपील की कि वे त्योहारों को आपसी भाईचारे, सद्भाव और सेवा भावना के साथ मनाएं तथा अपने आसपास के लोगों की खुशियों का भी ध्यान रखें।

