जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में दुर्गा महोत्सव को लेकर भक्तिमय माहौल बना हुआ है। महाष्टमी के अवसर पर सोमवार को विभिन्न पूजा पंडालों में मां दुर्गा की आराधना और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही पूजा पंडालों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जहां लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
पोटका प्रखंड के हल्दीपोखर, कोवाली, हाता, पोटका, देवली, खैरपाल, रोसुन चोपा, शंकरदा, जुड़ी, वांगो, धीरोल, माटकु, कालिकापुर और तिरिलडीह समेत विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा का आयोजन उत्साह के साथ किया जा रहा है। इन स्थानों पर स्थानीय और पश्चिम बंगाल के कलाकारों द्वारा आकर्षक पूजा पंडालों का निर्माण किया गया है। पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की सुंदर प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
महाष्टमी के दिन सुबह से ही पंडालों में धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के बीच मां दुर्गा की पूजा-अर्चना संपन्न कराई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से माता के दर्शन किए और आशीर्वाद मांगा। पूजा के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्सव का माहौल देखने को मिला।
दुर्गा महोत्सव के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न पूजा पंडालों में धार्मिक गीत-संगीत, झांकियों और नाट्य प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जा रहा है। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पंडालों तक पहुंच रहे हैं। पूजा समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के मनोरंजन और धार्मिक उत्साह को बढ़ाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। महाष्टमी पर उमड़ी भीड़ से पोटका के ग्रामीण इलाकों में दुर्गोत्सव की रौनक और बढ़ गई है।

