चाईबासा: केंद्र सरकार की कथित नीतियों और काले कानून के विरोध में 7 सितंबर को पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी बस्ती से जन जागरण रैली निकाली जाएगी। इसको लेकर शुक्रवार को जिला परिषद अध्यक्ष सह झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेता लक्ष्मी सुरेन ने झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन कार्यालय पहुंचकर सेल के ठेका मजदूरों के साथ बैठक की। बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन करने का आह्वान किया गया।
लक्ष्मी सुरेन ने कहा कि झारखंड की जनता जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है। केंद्र सरकार के कथित काले कानून के माध्यम से झारखंड के अधिकारों और हितों पर प्रहार करने की कोशिश की जा रही है, जिसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ सभी को एकजुट होकर आंदोलन करना होगा।
उन्होंने बताया कि 7 सितंबर को नोवामुंडी बस्ती से जन जागरण अभियान के तहत रैली निकाली जाएगी। रैली में पैदल मार्च करते हुए प्रखंड कार्यालय का घेराव किया जाएगा और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने महिलाओं और मजदूरों से रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
लक्ष्मी सुरेन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से राज्य में संचालित वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री रोजगार योजना, गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कृषि ऋण माफी, मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, सोना सोबरन धोती-साड़ी, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि, सर्वजन पेंशन और पुरानी पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को बंद करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “धरती हमारी, खनिज हमारा, झारखंड की संपदा पर दिल्ली का अधिकार नहीं चलेगा।”
बैठक में झामुमो कार्यकर्ता रिमू बहादुर, गोवर्धन चौरसिया, झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे, महामंत्री अंतरयामी महाकुड़, पदमा केसरी, रोहित पांडे समेत बड़ी संख्या में सेल के ठेका मजदूर उपस्थित थे।

