चाईबासा: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर चाईबासा के बाजार पूरी तरह सज चुके हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजारों में लड्डू गोपाल की आकर्षक पोशाक, मुकुट, बांसुरी, मोर पंख और भगवान कृष्ण की प्रतिमाएं लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में खरीदारी भी जोर पकड़ने लगी है।
लड्डू गोपाल के लिए बाजार में कई तरह की पोशाक उपलब्ध हैं। रंग-बिरंगे वस्त्र, आकर्षक मुकुट, छोटी-छोटी पोशाक और श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ गई है। इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा, बांसुरी, मोर पंख, मुकुट और पूजा व श्रृंगार से जुड़ी अन्य सामग्री भी दुकानों पर उपलब्ध है।
भक्त लड्डू गोपाल को भगवान के साथ अपने घर के छोटे सदस्य के रूप में मानते हैं। जन्माष्टमी के मौके पर परिवार के सदस्य लड्डू गोपाल के श्रृंगार, पूजा-अर्चना और भोग की विशेष तैयारी करते हैं। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय घरों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान 56 प्रकार के भोग के साथ विभिन्न पकवान और मिठाइयां चढ़ाई जाती हैं।
चाईबासा के जगन्नाथ मंदिर सदर बाजार, दुर्गा मंदिर, राधे-कृष्ण मंदिर सहित अन्य राधा-कृष्ण मंदिरों में जन्माष्टमी को लेकर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। राधे-कृष्ण मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती रही। सैकड़ों लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
जगन्नाथ मंदिर के पुरोहित संजय मिश्रा ने बताया कि रात 11:30 बजे से विशेष पूजा शुरू होगी, जो 12:30 बजे तक चलेगी। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हर वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई मन्नत भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से पूरी होती है।

