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Fri. Sep 4th, 2026

*एमएमडीआर एक्ट पर भाजपा जनता को गुमराह कर रही : बुधराम लागुरी* *पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के बयान पर झामुमो जिला प्रवक्ता ने जताई आपत्ति*

चाईबासा: पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा द्वारा एमएमडीआर एक्ट को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस पर गांव-गांव में भ्रम फैलाने का आरोप लगाए जाने पर झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मधु कोड़ा के बयान को झूठ और भ्रम की राजनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को पहले कानून की वास्तविकता और उसके झारखंड पर पड़ने वाले प्रभाव को समझना चाहिए, इसके बाद जनता के बीच बयान देना चाहिए।

बुधराम लागुरी ने कहा कि झामुमो और कांग्रेस नहीं, बल्कि केंद्र की भाजपा सरकार ही एमएमडीआर एक्ट में संशोधन के जरिए राज्यों के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यहां से लौह अयस्क, कोयला सहित कई महत्वपूर्ण खनिज निकलते हैं। ऐसे में खनिज संपदा का वास्तविक लाभ स्थानीय जनता और राज्य को मिले, यह सुनिश्चित करना राज्य सरकार का अधिकार और जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा का यह कहना कि केंद्र सरकार झारखंड का पैसा नहीं रोक रही है, मुद्दे की गंभीरता से ध्यान भटकाने का प्रयास है। सवाल केवल यह नहीं है कि वर्तमान में कितना पैसा मिल रहा है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि राज्य को अपने प्राकृतिक संसाधनों से राजस्व जुटाने और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन तैयार करने का अधिकार कितना रहेगा।

झामुमो जिला प्रवक्ता ने भाजपा से एमएमडीआर एक्ट में किए गए संशोधन के प्रभाव को स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा को जनता के सामने यह बताना चाहिए कि संशोधन से राज्यों के खनिज राजस्व और स्थानीय हितों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

बुधराम लागुरी ने कहा कि झारखंड के आदिवासी-मूलवासी समाज ने अपनी जमीन और प्राकृतिक संसाधनों की बड़ी कीमत चुकाई है। इसलिए खनिज नीति बनाते समय राज्य के अधिकार, स्थानीय रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि झामुमो जनता के बीच भ्रम नहीं फैला रहा है, बल्कि केंद्र सरकार के फैसलों की वास्तविकता गांव-गांव तक पहुंचा रहा है। यदि भाजपा को लगता है कि एमएमडीआर एक्ट झारखंड के हित में है, तो उसके नेताओं को खुले मंच पर कानून के प्रावधानों और उससे होने वाले लाभ को जनता के सामने रखना चाहिए।

बुधराम लागुरी ने कहा कि झारखंड की जनता अब केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि तथ्य, अधिकार और अपने संसाधनों में न्यायपूर्ण हिस्सेदारी चाहती है। भाजपा नेताओं को जनता को गुमराह करने के बजाय यह बताना चाहिए कि खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व में झारखंड और यहां की जनता के हितों की पूरी सुरक्षा कैसे होगी।

उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर झारखंड का अधिकार और जनता का हित सर्वोपरि है। इस अधिकार से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ का झामुमो लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध करेगा।

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