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छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला, हेमंत सरकार को युवाओं के सवालों का देना होगा जवाब : कन्हैया सिंह

जमशेदपुर। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के सोमवार को रांची में विधानसभा घेराव के प्रयास के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर आजसू पार्टी ने कड़ी नाराजगी जताई है। आजसू के जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने पुलिस द्वारा वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज किए जाने की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास बताया।

कन्हैया सिंह ने कहा कि झारखंड के युवा रोजगार, निष्पक्ष नियुक्ति और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। सरकार को उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समाधान की दिशा में पहल करनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए, लाठी और बल प्रयोग से नहीं।

उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लंबे समय से असंतोष है। बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और सरकारी नौकरी को अपने भविष्य का आधार मानते हैं। ऐसे में परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

आजसू जिला अध्यक्ष ने कहा कि रोजगार की मांग करना, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाना और सरकार से सवाल पूछना किसी भी नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि युवाओं की इन मांगों को भी बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जाएगा तो इससे सरकार के प्रति उनका विश्वास और कमजोर होगा।

कन्हैया सिंह ने कहा कि जिन युवाओं के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उन्हें आंदोलन के दौरान पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि युवाओं की नाराजगी को समझने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई करना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए उचित नहीं है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों को तत्काल बातचीत के लिए बुलाया जाए और JPSC-JSSC से जुड़ी उनकी शिकायतों पर ठोस एवं समयबद्ध निर्णय लिया जाए। साथ ही विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए।

कन्हैया सिंह ने कहा कि लाठी और बैरिकेडिंग के सहारे युवाओं की आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। सरकार को टकराव का रास्ता छोड़कर संवाद और समाधान की पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी छात्रों और युवाओं के रोजगार एवं पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान कब होगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कब की जाएगी। कन्हैया सिंह ने कहा कि युवाओं को लाठी नहीं, उनके सवालों का जवाब और उनके भविष्य की सुरक्षा चाहिए।

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