चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में जनगणना हस्तपुस्तिका-2027 के कार्य को त्रुटिरहित और सुचारू रूप से पूरा कराने के उद्देश्य से सोमवार को सदर चाईबासा अनुमंडल सभागार में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण में चार्ज पदाधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मियों को जनगणना से संबंधित कार्यों की जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी फ्रांसिस कुजूर की मौजूदगी में दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी और क्षेत्रीय कर्मी उपस्थित रहे।
उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने प्रशिक्षण में शामिल पदाधिकारियों और कर्मियों को जनगणना कार्य की महत्ता बताते हुए सभी आंकड़ों को पूरी सटीकता और निर्धारित समय सीमा के भीतर दर्ज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना से जुड़े आंकड़े भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए इसमें किसी तरह की त्रुटि नहीं होनी चाहिए।
यह जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 अगस्त से शुरू होकर 14 अगस्त 2026 तक चलेगा। डिजिटल भारत पहल के तहत इस बार जनगणना हस्तपुस्तिका से संबंधित कार्य मोबाइल ऐप और विशेष वेब पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। आंकड़ों के संकलन के लिए संदर्भ तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है।
प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का डेटाबेस अपडेट करने के लिए ग्राम निदेशिका और नगर निदेशिका तैयार करने से संबंधित तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। ग्राम निदेशिका में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, संचार, बैंकिंग, डाक, बिजली, भूमि उपयोग और कृषि उत्पादों से संबंधित आंकड़े जुटाए जाएंगे। वहीं नगर निदेशिका में शहरी क्षेत्रों की भौगोलिक एवं जलवायु स्थिति, आधारभूत संरचना, शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी जानकारी शामिल की जाएगी।
प्रशिक्षण के पहले दिन जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड रांची से आए राष्ट्रीय प्रशिक्षक डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता, संयुक्त निदेशक और आशीष कुमार, सांख्यिकीय अन्वेषक ने मोबाइल ऐप के संचालन, डेटा एंट्री और तकनीकी समस्याओं के समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

