जमशेदपुर: आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल के रिलीफ कोऑर्डिनेटर सुनील आनंद ने ब्लड सेंटर में कैंसर पीड़ित मरीज के लिए ओ नेगेटिव (O-) सिंगल डोनर प्लेटलेट दान कर मरीज की जान बचाने का प्रयास किया। आज का यह सुनील आनंद का 59वां प्लेटलेट दान है।
सुनील आनंद का कहना है कि जितने भी रक्तदाता रक्तदान करते हैं, सभी ईश्वर कोटि के मनुष्य होते हैं। उनके अंदर यह भाव होता है कि, “हे परम पुरुष, हम इसलिए रक्तदान करते हैं, हम इसलिए सेवा करते हैं कि तुम खुश होते हो। तेरी खुशी में ही सब कुछ है। इसके लिए हमको कष्ट भोग करना भी पड़े तो उसके लिए भी कोई बात नहीं।”
उन्होंने कहा कि यह सबसे बड़ा निष्काम कर्म है। ब्लड दान से बड़ा निष्काम कर्म और कुछ नहीं। परमात्मा के जो बच्चे अस्पताल में हैं, उनके कष्ट निवारण के लिए हम प्लेटलेट दान कर रहे हैं। भले ही जिनके लिए प्लेटलेट दान हो रहा है, वे खुश हों या न हों, लेकिन परमात्मा जरूर खुश होते हैं, क्योंकि उन्हीं के बच्चों के लिए यह प्लेटलेट दान किया जा रहा है। यही निष्काम कर्म योग है।
उन्होंने बताया कि प्लेटलेट दान की प्रक्रिया के लिए दाता का प्लेटलेट काउंट डेढ़ लाख से अधिक होना चाहिए। पूरी प्रक्रिया में लगभग एक घंटे से अधिक समय लगता है।

