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कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की बैठक, लंबित मानदेय व एमएसीपी लाभ देने की मांग

चाईबासा: अनुमंडल कार्यालय चाईबासा परिसर में रविवार को झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, पश्चिमी सिंहभूम जिला शाखा की सामान्य परिषद की बैठक जिला अध्यक्ष सदानंद होता की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की गई।

बैठक में जनसेवकों के बिहार राज्य के समय का लंबित वेतन भुगतान कराने तथा 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके जनसेवकों को अब तक तृतीय एमएसीपी का लाभ नहीं मिलने का मामला उठाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि पात्र कर्मियों को नियमानुसार इसका लाभ जल्द दिया जाना चाहिए।

मनरेगा कर्मियों से संबंधित मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में 10 वर्ष से अधिक सेवा पूरी कर चुके मनरेगा कर्मियों की सूची ग्रामीण विकास विभाग को भेजने की मांग की गई, ताकि उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुरूप उनका वेतनमान निर्धारित किया जा सके।

बैठक में बताया गया कि जिले के सभी मनरेगा कर्मियों तथा वीबीजेआरएएम (VBJRAM) कर्मियों का तीन से चार माह का मानदेय लंबित है। वहीं तकनीकी सहायक, कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंताओं का सात से आठ माह का मानदेय भी बकाया है। कर्मचारियों ने कहा कि मानदेय नहीं मिलने से उनके परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और कार्य निष्पादन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को तृतीय वर्ग में पदोन्नति देने, रोजगार सेवक अरुण कुमार, बबलू साहू एवं उदय पुर्ती का 22 माह से लंबित मानदेय का भुगतान करने तथा स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत अनुबंध कर्मियों का नियमितीकरण करने की मांग भी बैठक में उठाई गई।

बैठक में जिला अध्यक्ष सदानंद होता, जिला सचिव सुनीता बारी, जिला मंत्री जगमोहन सुरीन, प्रमंडल मंत्री हीरालाल दास, चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री केशवती देवगम, जिला उपाध्यक्ष (एनएचआरएम) दिगंबर कुमार, जिला कार्यकारी अध्यक्ष (मनरेगा) दिवाकर पान, अशोक निषाद, मंगल सिंह बारला, अरुण कुमार, वासुदेव गोप, महेश्वर पान, लक्ष्मी कुमारी, लालसिंह भूमिज सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित थे।

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