दुमका: गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को जामा थाना क्षेत्र के ऊपरबहाल गांव में आदिवासी कला संस्कृति सामुदायिक भवन में सिदो-कान्हू मुर्मू ग्राम सभा पुस्तकालय सह अध्ययन केंद्र का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उप विकास आयुक्त अनिकेत साचन, झारखंड के लाइब्रेरी मैन संजय कच्छप, डॉ. आनंद मोहन सोरेन, पंचायत की मुखिया विमला किस्कू और गांव की प्रधान लीलावती हांसदा मौजूद रहीं।
पुस्तकालय का उद्घाटन अनिकेत साचन, लीलावती हांसदा, विमला किस्कू सहित अन्य अतिथियों ने फीता काटकर किया। इसके बाद महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। गांव में स्थापित वीर शहीद सिदो-कान्हू मुर्मू की प्रतिमा पर भी अनिकेत साचन सहित अतिथियों ने माल्यार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान परिसर में पौधरोपण भी किया गया।
उप विकास आयुक्त अनिकेत साचन ने कहा कि पुस्तकालय के माध्यम से गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिलेगा। दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। पुस्तकालय में इंटरनेट और कंप्यूटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के साथ पुस्तकालय में भी पढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। गांव के बच्चे भी डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं और देश के बड़े विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पुस्तकालय को हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
संजय कच्छप ने कहा कि पुस्तकालय खुलने से बच्चों और युवाओं में पढ़ने की रुचि बढ़ेगी। यहां समय-समय पर मार्गदर्शन और करियर काउंसिलिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सामुदायिक पुस्तकालय बच्चों और युवाओं को अपने लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने में मदद करते हैं। पुस्तकालय के माध्यम से बच्चों को नशे और अंधविश्वास से दूर रखने तथा उच्च शिक्षा के लिए मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. आनंद मोहन सोरेन ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने ग्रामीणों से शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
मुखिया विमला किस्कू ने ग्रामीण महिलाओं को समूहों से जोड़ने और शिक्षा के प्रति जागरूक करने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही लोग अपने लक्ष्य और अधिकार हासिल कर सकते हैं।
बताया गया कि ग्रामीणों ने ग्राम सभा के माध्यम से नवनिर्मित आदिवासी कला केंद्र में सामुदायिक पुस्तकालय खोलने का निर्णय लिया था। ग्राम सभा ने पुस्तकालय के लिए आर्थिक सहयोग के साथ अलमारी और टेबल की व्यवस्था की। इसके लिए डिजिटल लाइब्रेरी ग्रुप झारखंड के प्रेरक और लाइब्रेरी मैन ऑफ झारखंड संजय कच्छप से संपर्क किया गया।
पुस्तकालय के लिए अजय कच्छप, उप समाहर्ता लातेहार, इंजीनियर अमित खलखो, इंडियन ऑयल के अधिकारी जयंत हेम्ब्रम और डॉ. यदुवंश प्रणय, प्रोफेसर एसपी कॉलेज ने किताबें, रैक और खेल सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग किया। पंचायत सचिव मंजीत कच्छप, सीआरपीएफ के विनय कच्छप, टाटा ऐरो के प्रकाश कच्छप, रेलवे के बाँधना कच्छप, सीआरपीएफ के आशीष खलखो, इंजीनियर राकेश सोरेन, सेवन मुर्मू, सूर्यदेव हेम्ब्रम, साइमन मुर्मू, संजय हांसदा, संतोष उरांव (रेलवे कोलकाता) और राजकिशोर मरांडी ने भी चेयर, किताबें, रैक, खेल सामग्री और पाठ्य सामग्री की व्यवस्था में सहयोग किया।
समारोह में सूर्यदेव हेम्ब्रम, राजकिशोर मरांडी, शेखर मुर्मू, मोनिका हांसदा, शिलति हांसदा, राजीव हांसदा, सुशील मुर्मू, जितेन हेम्ब्रम, सोनादीप हांसदा, रेखा हेम्ब्रम, जयंती मरांडी और कौन्सिल सोरेन सहित ग्रामीण मौजूद थे।

