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Wed. Jul 29th, 2026

रामगढ़ में युवक की चाकू गोदकर हत्या, पुलिस के मुखबिर और आपराधिक मामलों से जुड़े सुमित अग्रवाल की मौत से सनसनी

रामगढ़। जिला मुख्यालय में मंगलवार देर रात हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया। झंडा चौक निवासी 35 वर्षीय सुमित अग्रवाल की अज्ञात अपराधियों ने धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी। बुधवार सुबह गोलपार बगीचा से दामोदर नदी जाने वाली पीसीसी सड़क के किनारे उनका रक्तरंजित शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को मृतक के शरीर पर चाकू से किए गए कई गहरे वार के निशान मिले हैं। घटनास्थल की बारीकी से जांच के दौरान पुलिस को मृतक की नीले रंग की टी-शर्ट और चप्पल सूर्य मंदिर के पास, शव मिलने के स्थान से लगभग 300 गज दूर बरामद हुई। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या कहीं और या घटनास्थल के आसपास संघर्ष के बाद की गई और फिर शव को सड़क किनारे छोड़ दिया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यालय डीएसपी अकरम रजा, रामगढ़ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन प्रकाश पांडेय, एसआई राजेश मुंडा समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और आसपास के क्षेत्र में लोगों से पूछताछ भी की। फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

मृतक के ससुर विकास यादव ने पुलिस को बताया कि सुमित मंगलवार शाम घर से अपनी बजाज डिस्कवर मोटरसाइकिल लेकर निकला था। रात करीब सात बजे के बाद परिवार के लोगों ने कई बार उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। कुछ देर बाद मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया। बुधवार सुबह सूचना मिली कि उसका शव गोलपार बगीचा के पास पड़ा है। परिवार ने यह भी बताया कि सुमित की मोटरसाइकिल अब तक बरामद नहीं हुई है, जिससे पुलिस लूट और अन्य संभावित एंगल पर भी जांच कर रही है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुमित अग्रवाल का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ गांजा तस्करी, विस्फोटक पदार्थ रखने, प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन और दवाइयों की बिक्री सहित कई मामले दर्ज थे। वह पूर्व में इन मामलों में जेल भी जा चुका था। पुलिस सूत्रों के अनुसार उसका जिले के सक्रिय आपराधिक गिरोहों से संपर्क रहा था और वह समय-समय पर पुलिस को भी सूचनाएं उपलब्ध कराता था। इसी कारण पुलिस उसकी हत्या के पीछे आपसी रंजिश, आपराधिक वर्चस्व, पुराने विवाद और अन्य संभावित कारणों की गहनता से जांच कर रही है।

रामगढ़ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन प्रकाश पांडेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी रंजिश में हत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि हत्या में शामिल अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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