जमशेदपुर: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और कथित लाठीचार्ज के विरोध की गूंज गुरुवार को जमशेदपुर में भी सुनाई दी। पूर्वी सिंहभूम जिला झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व में साकची गोलचक्कर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। वहीं प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई तथा शिक्षा व्यवस्था और नीट परीक्षा को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। वहीं छात्र-युवाओं का एक अलग दल भी प्रदर्शन करता दिखता।
प्रदर्शन में झामुमो नेता सागेन पूर्ति, प्रमोद लाल, संदीप कौर, अवतार सिंह समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका आरोप था कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों की नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेनी चाहिए, जबकि केंद्र सरकार इस मामले में मौन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि झामुमो छात्रों के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं के हाथों में विभिन्न नारों और संदेशों वाले पोस्टर भी दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टरों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के साथ न्याय की मांग उठाई। साकची गोलचक्कर से निकले मार्च ने शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया और बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी देखने को मिली।
झामुमो नेताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

