बोकारो। डिजिटल दुनिया में बैठे साइबर ठगों के संगठित नेटवर्क पर बोकारो पुलिस ने अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बैंक अधिकारी, ट्रेवल एजेंट और भरोसेमंद कंपनी के प्रतिनिधि बनकर देशभर के लोगों को अपना शिकार बना रहा था।
प्रतिबिंब ऐप से मिले सटीक इनपुट के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय/सीसीआर) रामप्रवेश कुमार के नेतृत्व में साइबर थाना, तकनीकी शाखा तथा स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार-गुरुवार की रात सेक्टर-12 थाना क्षेत्र के बारी को-ऑपरेटिव और माराफारी थाना क्षेत्र के रितुडीह राजेंद्र नगर में एक साथ छापेमारी कर नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
शुरुआती जांच में इनके बैंक खातों से लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है। पुलिस ने संबंधित खातों पर तत्काल होल्ड लगाते हुए पूरे नेटवर्क की वित्तीय जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी खुद को कभी आर.एम. टूर एंड ट्रेवल्स का एजेंट, तो कभी बैंक अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। आकर्षक ऑफर, बैंक संबंधी अपडेट और अन्य झूठे बहानों से लोगों का विश्वास जीतने के बाद उनसे ओटीपी, बैंकिंग जानकारी और अन्य गोपनीय सूचनाएं हासिल कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।
पूछताछ में सभी आरोपियों ने साइबर अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या-24/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), दूरसंचार अधिनियम-2023 तथा आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, कुल 19 सिम कार्ड (10 मोबाइल में लगे एवं 9 अलग), 18 बैंक पासबुक, तीन चेकबुक, 10 डेबिट कार्ड, एक ही नंबर पर बने दो आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा 43,100 रुपये नकद बरामद किए हैं।
बरामद दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगा और ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से मिले सुराग के आधार पर इस गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों, फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क और संभावित अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच कर रही है। यह भी खंगाला जा रहा है कि गिरोह ने झारखंड के अलावा बिहार और अन्य राज्यों में भी साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
इधर, साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए बोकारो पुलिस ने किरायेदार सत्यापन अभियान भी तेज कर दिया है। मकान मालिकों से अपील की गई है कि किराये पर मकान देने से पहले संबंधित थाना से किरायेदार का पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं।
पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिना सत्यापन किराये पर रखे गए व्यक्ति के मकान से साइबर अपराध या अन्य संदिग्ध गतिविधि संचालित होती पाई गई, तो संबंधित मकान मालिक के विरुद्ध भी विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

