जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम के सुंदरनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत तालसा ग्राम सभा के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता गौतम उरांव के नेतृत्व में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की तुरामडीह परियोजना पर गंभीर आरोप लगाए। ज्ञापन में कहा गया है कि कंपनी ने तालसा मौजा की कई रैयती भूमि का विधिवत अधिग्रहण किए बिना उस पर टेलिंग पॉन्ड (खनन अपशिष्ट जलाशय) का निर्माण कर लिया है, जिससे ग्रामीणों को वर्षों से आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि तालसा मौजा के कई रैयतों की भूमि पर बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए टेलिंग पॉन्ड बनाया गया। प्रभावित रैयतों में गुमदा मुर्मू, पूर्णिमा हो, टीकाराम मुर्मू, दुलारी मुर्मू और शशिकला पात्रो शामिल हैं। ग्राम सभा का आरोप है कि इन भूमि मालिकों को अब तक न तो भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा मिला है, न पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है और न ही रोजगार दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार यूसीआईएल प्रबंधन, एलआरडीसी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी तथा जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया गया कि टेलिंग पॉन्ड बनने के कारण किसानों की कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जिससे वे अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे हैं और उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अनुसूचित क्षेत्रों में लागू पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (पेसा) 1996 तथा संविधान के संबंधित प्रावधानों के तहत ग्राम सभा के अधिकारों की अनदेखी की गई है। ग्राम सभा ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए प्रभावित रैयतों को नियमानुसार मुआवजा, पुनर्वास, पुनर्स्थापन और रोजगार उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
तालसा ग्राम सभा के अध्यक्ष सह माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन में कहा गया है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे की रणनीति बनाने को बाध्य होंगे। ग्राम सभा ने उपायुक्त से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र हस्तक्षेप करने की अपील की है।

