बोकारो। आधुनिक दौर में जहां शादियां महंगे वाहनों, भव्य सजावट और दिखावे की होड़ से जुड़ती जा रही हैं, वहीं बोकारो जिले के कसमार प्रखंड में संपन्न एक विवाह ने सादगी, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का अनोखा उदाहरण पेश किया। तेलियाडीह टांगटोना गांव निवासी शिव महतो के पुत्र जनार्दन कुमार महतो ने मुगों बगदा गांव की श्वेता कुमारी के साथ बिना दहेज के पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया।
इस विवाह की सबसे खास बात यह रही कि दूल्हा जनार्दन कुमार महतो आधुनिक वाहनों को छोड़ बैलगाड़ी से बारात लेकर करीब पांच किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए दुल्हन के गांव पहुंचे। विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद श्वेता कुमारी की विदाई भी उसी बैलगाड़ी से हुई। इस दृश्य ने ग्रामीणों को पुराने समय की यादें ताजा कर दीं और लोगों ने नवदंपती के इस निर्णय की खुले दिल से सराहना की।
पूरी बारात पारंपरिक रंग में रंगी नजर आई। बाराती घोड़ा नाच, मांदर की थाप और कुड़माली लोकधुनों के बीच नाचते-गाते पैदल गांव पहुंचे। रास्ते भर लोकगीतों की गूंज और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों ने माहौल को उत्सवमय बनाए रखा। अनूठी बारात को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बुजुर्गों ने कहा कि वर्षों बाद उन्हें ऐसी पारंपरिक बारात देखने का अवसर मिला।
विवाह समारोह पूरी तरह कुड़मी समाज की पारंपरिक कुड़माली नेगाचारी के अनुसार संपन्न हुआ। पूरे आयोजन में सादगी, सामाजिक समानता और सांस्कृतिक परंपराओं को प्राथमिकता दी गई। न तो दहेज का लेन-देन हुआ और न ही अनावश्यक खर्च किया गया। बैलगाड़ी से बारात निकालकर पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विरासत के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया गया।
समारोह में मौजूद ग्रामीणों और समाज के गणमान्य लोगों ने नवदंपती को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ इस तरह की पहल युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उनका मानना है कि यदि नई पीढ़ी सादगीपूर्ण और दहेज मुक्त विवाह को अपनाए, तो समाज में सकारात्मक बदलाव के साथ-साथ हमारी लोक संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाज भी सुरक्षित रहेंगे।
जनार्दन कुमार महतो और श्वेता कुमारी का यह विवाह केवल दो परिवारों का मिलन नहीं, बल्कि दहेज प्रथा के खिलाफ एक सशक्त सामाजिक संदेश, लोक संस्कृति के संरक्षण का संकल्प और सादगीपूर्ण जीवन मूल्यों का प्रेरक उदाहरण बनकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

