रांची: झारखंड की राजनीति के वरिष्ठ चेहरों में शामिल पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने रांची के पल्स हॉस्पिटल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और पिछले कुछ समय से उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मन्नान मल्लिक झारखंड कांग्रेस के अनुभवी नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और लंबे समय तक धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने धनबाद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद तत्कालीन हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया था।
उनके निधन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि सजा सुनाए जाने के महज चार दिन बाद उनका निधन हो गया। बीते शुक्रवार को धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायालय ने 15 वर्ष पुराने चर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में फैसला सुनाते हुए मन्नान मल्लिक समेत 30 लोगों को दोषी ठहराया था। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत उन्हें अधिकतम तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
हालांकि अदालत के फैसले के केवल चार दिन बाद ही मन्नान मल्लिक का निधन हो गया। उनके जाने से झारखंड की राजनीति ने एक वरिष्ठ नेता को खो दिया है। कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

