जमशेदपुर। नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, आदित्यपुर ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नेशनल मेडिकल कमीशन की मंजूरी के बाद अब आदित्यपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में पांच प्रमुख विभागों में पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई शुरू होगी। कॉलेज को कुल 20 पीजी सीटें मिली हैं। इनमें एमडी मेडिसिन, एमएस जनरल सर्जरी, एमडी रेडियोलॉजी, एमएस ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी और एमडी एनेस्थीसियोलॉजी में चार-चार सीटें शामिल हैं। खास बात यह है कि मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने के करीब दो वर्ष के भीतर पीजी पाठ्यक्रमों को मंजूरी मिली है।
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में नेताजी सुभाष ग्रुप के चेयरमैन एमएम सिंह ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2026 समूह के मेडिकल शिक्षा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है। आदित्यपुर में एमबीबीएस की 200 सीटों पर दाखिला पूरा हो चुका है और अब पीजी की पांच शाखाओं में भी पढ़ाई शुरू होने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कॉलेज प्रबंधन, प्राचार्य, चिकित्सकों, शिक्षकों और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है।
एमएम सिंह के अनुसार, बिहार और झारखंड में समूह के मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या बढ़कर 138 हो गयी है। पटना के बिहटा स्थित मेडिकल कॉलेज में पहले 74 पीजी सीटों पर पढ़ाई हो रही थी, जिसे बढ़ाकर 118 सीट कर दिया गया है। इसके अलावा आदित्यपुर मेडिकल कॉलेज को 20 नई सीटों की मंजूरी मिली है। इस तरह दोनों राज्यों में संस्थान के मेडिकल शिक्षा नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है।
पीजी पाठ्यक्रमों की शुरुआत का सीधा लाभ कोल्हान क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों के अलावा झारखंड और आसपास के राज्यों के मेडिकल स्नातकों को अपने क्षेत्र के नजदीक विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा हासिल करने का विकल्प मिलेगा। पीजी विद्यार्थियों की मौजूदगी से अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे मरीजों के उपचार, आपातकालीन सेवाओं, ऑपरेशन और विभागीय क्लिनिकल गतिविधियों को मजबूती मिलने की संभावना है।
कॉलेज प्रबंधन ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि रांची के रामपुर क्षेत्र में एनएच-33 के किनारे मदन मोहन मेडिकल कॉलेज एंड कैंसर रिसर्च सेंटर की स्थापना की योजना पर काम चल रहा है। प्रबंधन के मुताबिक वर्ष 2028 से यहां मेडिकल कॉलेज के साथ कैंसर रिसर्च सेंटर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे झारखंड में कैंसर की जांच, उपचार, शोध और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में नई सुविधाएं विकसित होने की उम्मीद है।
प्रबंधन का कहना है कि मेडिकल कॉलेज के विस्तार के साथ नए पीजी विभाग जोड़ने की दिशा में भी काम जारी रहेगा। इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ झारखंड में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा का आधार मजबूत होगा। प्रेस वार्ता में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केएन सिंह, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष एएस कांत साहू, डॉ. नवीन कुमार, रेडियोलॉजी विभाग के अभिषेक जायसवाल और डॉ. जयदेव सहित अन्य चिकित्सक व अधिकारी मौजूद थे।

