चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने होटल बुकिंग की राशि लेने के बावजूद ग्राहकों को कमरा उपलब्ध नहीं कराने के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने फैब होटल के दोनों विपक्षी पक्षों को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए शिकायतकर्ता मोहम्मद बारिक के पक्ष में फैसला सुनाया है।
मामले के अनुसार, चाईबासा के 56बी, हिंद चौक, बड़ी बाजार निवासी मोहम्मद बारिक के पुत्र रजीक अनवर ने अपने माता-पिता के ठहरने के लिए कोलकाता के फैब होटल गेस्ट ओ पैलेस, राजडांगा में 10 मई से 12 मई 2026 तक ऑनलाइन कमरा बुक कराया था। इसके लिए 5,670 रुपये का भुगतान किया गया था।
10 मई की रात करीब 9 से 10 बजे मोहम्मद बारिक अपनी पत्नी मनीला पिंगुआ के साथ होटल पहुंचे, लेकिन प्रबंधन ने बुकिंग से इनकार कर दिया और कमरा उपलब्ध नहीं कराया। इसके बाद वरिष्ठ नागरिक दंपति को देर रात कोलकाता में दूसरे होटल की तलाश करनी पड़ी। इससे उन्हें परेशानी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।
शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर कर बुकिंग राशि वापस करने और मानसिक प्रताड़ना व आर्थिक नुकसान के लिए 60 हजार रुपये मुआवजे की मांग की थी। सुनवाई के दौरान ऑनलाइन भुगतान की रसीद, बैंक विवरण और यात्रा टिकट सहित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। उनकी पत्नी ने भी गवाही दी।
आयोग ने पाया कि होटल प्रबंधन ने भुगतान लेने के बावजूद निर्धारित तिथि पर कमरा उपलब्ध नहीं कराया। इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत सेवा में कमी माना गया।
आयोग ने दोनों विपक्षी पक्षों को संयुक्त एवं पृथक रूप से 5,670 रुपये बुकिंग राशि, 20 हजार रुपये मानसिक प्रताड़ना और असुविधा के लिए मुआवजा तथा 5 हजार रुपये मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया। कुल 30,670 रुपये का भुगतान 45 दिनों के भीतर करना होगा। समय पर भुगतान नहीं करने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

