चाईबासा: महिला कॉलेज चाईबासा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की ओर से एचआईवी/एड्स की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार के निर्देशानुसार यह अभियान 27 अक्टूबर से 12 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
अभियान के तहत छात्राओं को एचआईवी/एड्स के संक्रमण, बचाव, जांच और उपचार की जानकारी दी जा रही है। साथ ही इससे जुड़ी गलत धारणाओं और सामाजिक भेदभाव को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। परिचर्चा और संवाद के माध्यम से छात्राओं को सही जानकारी दी गई। एनएसएस स्वयंसेवकों ने छात्राओं और शिक्षकों को जागरूकता बैज लगाकर लोगों को जागरूक रहने का संदेश दिया। सोशल मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो ने एचआईवी/एड्स के कारणों, संक्रमण के माध्यमों और बचाव के उपायों पर जानकारी देते हुए छात्राओं से जागरूकता का संदेश समाज तक पहुंचाने की अपील की।
विकास मिश्रा ने कहा कि एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए सही जानकारी और सामाजिक संवेदनशीलता जरूरी है। संक्रमित व्यक्तियों के प्रति भेदभाव के बजाय सम्मान और सहयोग का भाव रखना चाहिए।
डॉ. राजीव लोचन नमता एवं डॉ. मोबारक करीम हाशमी ने एचआईवी/एड्स से बचाव, जांच और उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
डॉ. अर्पित सुमन ने बताया कि इस वर्ष विभाग के निर्देश पर जागरूकता अभियान को विश्व एड्स दिवस तक सीमित न रखकर 27 अक्टूबर से 12 नवंबर तक चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचाना है।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और भेदभाव रहित समाज के निर्माण में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
चाईबासा: महिला कॉलेज चाईबासा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की ओर से एचआईवी/एड्स की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार के निर्देशानुसार यह अभियान 27 अक्टूबर से 12 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
अभियान के तहत छात्राओं को एचआईवी/एड्स के संक्रमण, बचाव, जांच और उपचार की जानकारी दी जा रही है। साथ ही इससे जुड़ी गलत धारणाओं और सामाजिक भेदभाव को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। परिचर्चा और संवाद के माध्यम से छात्राओं को सही जानकारी दी गई। एनएसएस स्वयंसेवकों ने छात्राओं और शिक्षकों को जागरूकता बैज लगाकर लोगों को जागरूक रहने का संदेश दिया। सोशल मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो ने एचआईवी/एड्स के कारणों, संक्रमण के माध्यमों और बचाव के उपायों पर जानकारी देते हुए छात्राओं से जागरूकता का संदेश समाज तक पहुंचाने की अपील की।
विकास मिश्रा ने कहा कि एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए सही जानकारी और सामाजिक संवेदनशीलता जरूरी है। संक्रमित व्यक्तियों के प्रति भेदभाव के बजाय सम्मान और सहयोग का भाव रखना चाहिए।
डॉ. राजीव लोचन नमता एवं डॉ. मोबारक करीम हाशमी ने एचआईवी/एड्स से बचाव, जांच और उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
डॉ. अर्पित सुमन ने बताया कि इस वर्ष विभाग के निर्देश पर जागरूकता अभियान को विश्व एड्स दिवस तक सीमित न रखकर 27 अक्टूबर से 12 नवंबर तक चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता पहुंचाना है।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और भेदभाव रहित समाज के निर्माण में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

