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Wed. Sep 16th, 2026

नो-एंट्री के बावजूद समय से पहले शहर में कैसे पहुंच रहे भारी वाहन, मृतक के परिजनों को टाटा स्टील मुआवजा दें: चंपई सोरेन

जमशेदपुर। शहर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने बुधवार को बर्मामाइंस थाना पहुंचकर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और हाल में हुई सड़क दुर्घटना की जानकारी ली। उन्होंने थाना प्रभारी निरंजन कुमार से मुलाकात कर दुर्घटनाओं के कारणों तथा भारी वाहनों के परिचालन को लेकर चर्चा की।

मीडिया से बातचीत में चंपई सोरेन ने मंगलवार रात सुनसुनिया गेट के पास हुई सड़क दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हादसे में एक युवक की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि सुनसुनिया गेट टाटा कंपनी से जुड़े क्षेत्र में आता है, इसलिए मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की जिम्मेदारी टाटा कंपनी को लेनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर निर्धारित नो-एंट्री व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि शहर में भारी वाहनों के प्रवेश की नो-एंट्री रात 11 बजे समाप्त होती है, तो रात 10 से 10:30 बजे के बीच भारी वाहन शहर के अंदर कैसे पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय तक भारी वाहनों को शहर के बाहर ही रोकने की व्यवस्था होनी चाहिए।

चंपई सोरेन ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए टाटा कंपनी और जिला प्रशासन को मिलकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। जमशेदपुर औद्योगिक शहर होने के कारण यहां भारी वाहनों की आवाजाही अधिक है। ऐसे में नो-एंट्री के पालन, यातायात प्रबंधन और भारी वाहनों की निगरानी में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सुनसुनिया गेट हादसे में मृत युवक के परिजनों को टाटा कंपनी की ओर से एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग भी की।

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