चाईबासा: पांच सूत्री मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार को देशभर के सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। चाईबासा में भी हड़ताल का असर देखने को मिला। सरकारी बैंकों में कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया।
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर लंबे समय से संगठन की ओर से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। इसी के विरोध में देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। चाईबासा में विभिन्न सरकारी बैंकों के कर्मचारी जुलूस में शामिल हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में सामान्य दिनों की तरह कामकाज नहीं हो सका। बैंक बंद रहने से नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, बैंक खाते से संबंधित कई सेवाएं और अन्य शाखा स्तर के कार्य प्रभावित हुए। हालांकि डिजिटल बैंकिंग और एटीएम जैसी कुछ सेवाएं उपलब्ध रहने की संभावना है, लेकिन शाखा से होने वाले जरूरी काम के लिए ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की ओर से आगे भी आंदोलन जारी रखने की घोषणा की गई है। इसके तहत 28, 29 और 30 सितंबर को भी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इसके बाद मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है।
बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों का समाधान होने तक संगठन आंदोलन के माध्यम से अपना विरोध जारी रखेगा। हड़ताल के कारण लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति में आम ग्राहकों और कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

