चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थी छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक, आईटीडीए जयदीप तिग्गा, जिला कल्याण कार्यालय के कर्मी और पीएमयू सदस्य उपस्थित थे।
संवाद के दौरान उपायुक्त ने छात्र-छात्राओं से उनकी पढ़ाई, रुचि और भविष्य के लक्ष्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उच्च शिक्षा को सुगम बनाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। विद्यार्थियों को सरकार की ओर से मिलने वाली इस सहायता का अधिकतम सदुपयोग करते हुए अपनी पढ़ाई और भविष्य निर्माण पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन जरूरी है। विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करते हुए नियमित अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह अभिभावकों को अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद होती है, उसी तरह सरकार को भी विद्यार्थियों से काफी अपेक्षाएं हैं। सरकार छात्रवृत्ति के माध्यम से आर्थिक सहयोग दे रही है, ताकि आर्थिक कठिनाइयां उनकी शिक्षा में बाधा न बनें।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि युवा किसी के बहकावे में आकर ऐसा कदम न उठाएं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने मित्रों, परिवार और समाज के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि नियमित परिश्रम ही सफलता की असली कुंजी है। आज की मेहनत ही भविष्य की सफलता का आधार बनेगी। विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर धैर्य और निरंतरता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
संवाद के दौरान उपायुक्त ने 18 वर्ष से अधिक आयु के पात्र और स्वस्थ छात्र-छात्राओं से रक्तदान करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि रक्तदान जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाने, पौधारोपण, पौधों की सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में मनीष कुमार ने विद्यार्थियों को पूरी लगन और अनुशासन के साथ शिक्षा ग्रहण करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दिया जा रहा सहयोग तभी सार्थक होगा, जब विद्यार्थी इस अवसर को अपनी सफलता और समाज की प्रगति में बदलेंगे।

