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Thu. Aug 27th, 2026

सतगावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे लाखों रुपये की सरकारी दवाइयां एक्सपायर कर कूड़े में दबाई गईं

कोडरमा सतगावां।। प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है। अस्पताल परिसर के पीछे मिट्टी और कचरे के ढेर में लाखों रुपये की मूल्य की सरकारी दवाइयों को गाड़कर छिपाने का मामला सामने आया है। एक तरफ जहां ग्रामीण और गरीब मरीज इलाज व दवा के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से जीवन रक्षक दवाइयां रखे रखे एक्सपायर हो गईं और उन्हें मिट्टी में दबा दिया गया। कचरे में फेंकी गई सभी दवाइयां जनवरी 2025 से मार्च 2025 की समयावधि के दौरान एक्सपायर हुई हैं। मरीजों को वितरण न कर इन्हें गोदाम में सड़ने दिया गया। वहीं कचरे में दबाई गई प्रमुख दवाओं में इंजेक्शन सालबुटामोल 100,टैबलेट असटोमेट एक्सआर 900 से 1000टैबलेट अल्बेंडाजोल, सिरप काडीजरेक्स फोर्ट, टैबलेट मेटलॉक एक्सएल 25, सिरप नॉल एम, टैबलेट फोलिक एसिड, किट रैपिड डायग्नोस्टिक्स टेस्ट, टैबलेट डाइएथिलकार्बामाज़िन सिट्रेट 100 का नाम शामिल है। जो करीब लाखों रुपए लागत की दवाई होगी। दवाइयों को एक्सपायरी की कगार तक पहुंचाने के पीछे बड़े प्रशासनिक खेल की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार यदि अगले वित्तीय वर्ष की नई दवा खरीद का आवंटन मिल जाता है तो पुरानी दवाओं को कागजों में खपाने का प्रयास किया जाता है। लेकिन आवंटन न मिलने या पकड़ में आने के डर से इन दवाइयों को अस्पताल परिसर में ही गड्ढा में दबा दिया गया।सतगावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहले भी जननी सुरक्षा योजना और दवा वितरण में अनियमितताओं को लेकर चर्चा में रहा है। इस पूरे मामले पर जब प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुरेश राम से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से दवाई वितरण और दवाई खरीदी का काम बीपीएम मनोज राम देख रहे थे। मनोज राम संपर्क किए जाने पर उन्होनें बताया की इस मामले की जानकारी लिया जा रहा है । इस मामले में जो भी कर्मी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि मामले में अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका है। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

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