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Thu. Aug 20th, 2026

*एसपीजी मिशन बालिका विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर, बाल विवाह को बताया कानूनी अपराध*

चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार एसपीजी मिशन बालिका विद्यालय के लीगल लिटरेसी क्लब में बालिकाओं के बीच विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए मौहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया।

शिविर में उप LADC सुरेन्द्र प्रसाद दास ने बालिकाओं को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बालिका के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और बालक की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह कराना कानूनन अपराध है। कम उम्र में विवाह होने से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने बालिकाओं से बाल विवाह को रोकने के लिए जागरूक रहने और ऐसी किसी घटना की जानकारी संबंधित प्रशासन या जिला विधिक सेवा प्राधिकार को देने की अपील की। इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में भी जानकारी दी गई।

शिविर में NALSA की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में भी बताया गया। बालिकाओं को जानकारी दी गई कि कमजोर और पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में मौलिक अधिकार और कर्तव्य, लोक अदालत, स्थायी लोक अदालत तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी जानकारी दी गई। उपस्थित बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शोभा रेनू एक्का सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। शिविर को सफल बनाने में अधिकार मित्र (PLV) संगीता देवी, रत्ना चक्रवर्ती, स्वाति मुखर्जी, नीतू सार और हेमराज निषाद ने योगदान दिया।

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