Breaking
Wed. Aug 19th, 2026

आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों के पुनर्वास को लेकर चाईबासा में बैठक, डीसी ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में बुधवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के पुनर्वास को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकार की प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले लाभ और सुविधाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नीति के तहत पात्र पाए जाने वाले लाभुकों को सभी निर्धारित सुविधाएं पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएं।

बैठक के दौरान आत्मसमर्पित नक्सलियों से जुड़े लंबित मामलों, सत्यापन प्रक्रिया तथा पुनर्वास के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को सरकारी पुनर्वास नीति का वास्तविक लाभ मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आत्मसमर्पित व्यक्तियों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ाना है।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों के दस्तावेजों और मामलों का नियमानुसार सत्यापन शीघ्र पूरा किया जाए तथा पुनर्वास से संबंधित किसी भी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं हो। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय योजनाओं के साथ पुनर्वास नीति के प्रावधानों का समन्वय कर लाभुकों को अधिक से अधिक सुविधाओं से जोड़ने को कहा।

बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला उद्योग केंद्र को लाभुकों की रुचि, योग्यता और स्थानीय संसाधनों के आधार पर स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर तलाशने का निर्देश दिया गया। वहीं आरसेटी को पात्र लोगों को उनकी क्षमता के अनुरूप कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि प्रशिक्षण के बाद उन्हें स्थायी रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।

आईटीडीए को पात्र लाभुकों को विभागीय योजनाओं से जोड़ने तथा आजीविका के अवसर विकसित करने का निर्देश दिया गया। जिला समाज कल्याण विभाग को आत्मसमर्पित व्यक्तियों और उनके परिवारों को पात्रता के अनुसार सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा गया। पंचायत स्तर पर आवश्यक दस्तावेजों और स्थानीय जानकारी के सत्यापन में सहयोग देने तथा विकास एवं आजीविका योजनाओं से लाभुकों को जोड़ने का निर्देश जिला पंचायती राज पदाधिकारी को दिया गया।

पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय को आवश्यक पुलिस सत्यापन और विभागीय प्रक्रिया पूरी करने तथा पुनर्वास कार्य में प्रशासनिक एवं सुरक्षा संबंधी समन्वय बनाए रखने को कहा गया। अग्रणी बैंक प्रबंधक को आत्मसमर्पित व्यक्तियों को बैंकिंग सुविधाओं, वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार और आजीविका आधारित बैंकिंग योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक सहयोग देने का निर्देश दिया गया।

बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए जयदीप तिग्गा, उपसमाहर्ता सामान्य शाखा देवेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय पूजा कुमारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सविता टोपनो, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती, अग्रणी बैंक प्रबंधक बैंक ऑफ इंडिया विष्णु, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र तथा निदेशक आरसेटी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करते हुए आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले लाभ समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

Related Post