चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देशानुसार ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0’ अभियान की सफलता को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा मोहम्मद शाकिर की अध्यक्षता में न्यायिक दंडाधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में मध्यस्थता के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उच्चतम न्यायालय की समिति के मार्गदर्शन में राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0 अभियान 1 अगस्त से 31 दिसंबर 2026 तक चलाया जा रहा है। यह राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य आपसी सहमति से मुकदमों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान कराना है। इसके तहत अदालतों में लंबित और मुकदमा दायर होने से पहले के मामलों की पहचान कर उन्हें मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर ने न्यायिक दंडाधिकारियों को अभियान के तहत अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता के लिए चिन्हित करने और उनका प्रभावी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रवि चौधरी ने बताया कि 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा मामले, चेक बाउंस से जुड़े मामले, दीवानी एवं संपत्ति विवाद, श्रम, उपभोक्ता और वाणिज्यिक विवाद सहित सुलह योग्य मामलों का समाधान कराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मध्यस्थता और लोक अदालत की प्रक्रिया सुलभ, गोपनीय, त्वरित और कम खर्चीली है। आम लोगों से अपील की गई कि यदि उनका कोई सुलह योग्य मामला अदालत में लंबित है, तो वे जिला न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या मध्यस्थता केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। इससे आपसी सहमति से विवाद का समाधान कराने का अवसर मिलेगा और लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सकती है।

