सरायकेला: वीर बिरसा मुंडा स्टेडियम बचाओ उलगुलान के तहत मंगलवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों, समाज की एकजुटता और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सरायकेला स्थित वीर बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा स्थापित कराने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि 15 नवंबर 2026 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती और झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर स्टेडियम परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित कराई जाए। इसके साथ ही स्टेडियम के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थायी रूप से “धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम, सरायकेला” नाम अंकित करने की मांग की गई।
प्रतिनिधियों ने नृपराज राजकीय प्लस-2 उच्च विद्यालय, सरायकेला के सामने स्थित धरती आबा बिरसा मुंडा उद्यान के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी “धरती आबा बिरसा मुंडा उद्यान” नाम स्पष्ट रूप से अंकित करने की मांग रखी।
प्रतिनिधियों ने कहा कि पूर्व में स्टेडियम परिसर में पद्म विभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद आदिवासी एवं मूलवासी समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने वीर बिरसा मुंडा स्टेडियम बचाओ उलगुलान के बैनर तले आंदोलन किया था। आंदोलन के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि किसी महापुरुष के सम्मान का विरोध नहीं है, बल्कि भगवान बिरसा मुंडा के नाम से स्थापित स्टेडियम की पहचान और ऐतिहासिक महत्व को सुरक्षित रखना आंदोलन का उद्देश्य है।
संबंधित निर्णय वापस लेने की घोषणा के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। अब प्रतिनिधियों ने स्टेडियम परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने की मांग जिला प्रशासन के समक्ष रखी है।
*15 नवंबर तक प्रतिमा स्थापना का संकल्प*
बैठक में 15 नवंबर तक स्टेडियम परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित कराने का संकल्प लिया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित समय तक प्रतिमा स्थापित नहीं कराई जाती है तो समाज के लोग आपसी सहयोग से चंदा एकत्रित कर प्रतिमा की व्यवस्था और स्थापना की पहल करेंगे।
प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई करने और 15 नवंबर से पहले आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया।
समीक्षा बैठक और ज्ञापन सौंपने के दौरान मान सिंह मुंडा, सावन सोय, सावित्री कुदादा, दिवाकर सरदार, एमपी सरदार, विष्णु बनरा, गणेश गागराई, रंजीत सरदार, जगदीश सरदार, सनत सरदार, वीर सिंह सिजुई, साधु हो, सुखराम सोय, झारखंड बोदरा, रवि सरदार, चुनमुन सरदार, कार्तिक सरदार, सुखनाथ लोहरा, अंजान सामाड, राजेश हेंब्रम, कृष्ण हेंब्रम, सोमनाथ सरदार, बासुदेव सरदार, संजय मांझी, फातु सरदार, संगीता हेंब्रम, जेमा मुडरी, विश्वनाथ और तुराम सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

