जमशेदपुर, 18 अगस्त। छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक समिति (महिला मंडल), सोनारी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय राखी मेला का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में भाजपा पूर्वी सिंहभूम के जिला प्रभारी एवं पूर्व जिला अध्यक्ष, भाजपा जमशेदपुर महानगर के पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में समाजसेवी सुकृतदास मानिकपुरी तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सुधा दीदी और कोमल दीदी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। ब्रह्माकुमारी बहनों ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान उपस्थित लोगों को नशामुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाने के साथ रक्षा सूत्र भी बांधा गया।
समारोह को संबोधित करते हुए दिनेश कुमार ने कहा कि राखी केवल भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा, विश्वास, स्नेह और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक समिति का राखी मेला लोक-संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने के साथ महिलाओं को अपनी प्रतिभा और उद्यमिता प्रदर्शित करने का मंच भी प्रदान करता है।
उन्होंने नशे की बढ़ती चुनौती पर चिंता जताते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सरकार या किसी एक संस्था के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
दिनेश कुमार ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक समिति की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष कृष्णा प्रसाद ने समिति की गतिविधियों और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यों की जानकारी दी तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी अतिथियों और सदस्यों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मंडल की अध्यक्ष लक्ष्मी साहू ने की, जबकि मंच संचालन महामंत्री जया साहू ने किया।
तीन दिवसीय राखी मेले में हस्तनिर्मित राखी, साड़ी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, गिफ्ट आइटम और विभिन्न खाद्य सामग्री के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। मेले के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के साथ स्वावलंबन एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने का अवसर मिला।
समापन समारोह में संस्था के सदस्यगण और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। आयोजक समिति ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।

